
Lebanon pilot zones: इजराइल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने कहा है कि उनका देश लेबनान में दो पायलट जोन लागू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इटली में होने वाली बातचीत से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।विदेश मंत्री गिडियन सार के अनुसार, इस समझौते के तहत एक रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। इस योजना में दो तय पायलट जोन से हिज़्बुल्लाह लड़ाकों और उनके तमाम सैन्य बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से पीछे हटा लिया जाएगा। हिज़्बुल्लाह के पूरी तरह हटने के तुरंत बाद, लेबनानी सेना इन दोनों इलाकों का पूरा प्रशासनिक और सुरक्षा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी।
रोम में हो रही यह छठे दौर की बातचीत है, लेकिन पिछले महीने वॉशिंगटन में हुए फ्रेमवर्क समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच यह पहली सीधी बातचीत है। अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी, खाली किए गए इलाकों में लेबनानी सेना की तैनाती और क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों को बिना शस्त्र करने का प्रावधान शामिल है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, जिन इलाकों से इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) पीछे हटेगी, वहां लेबनानी सशस्त्र बल तैनात किए जाएंगे। इन बलों की जिम्मेदारी होगी कि संबंधित क्षेत्रों को हिज्बुल्लाह के हथियारों और सैन्य ढांचे से मुक्त रखा जाए। इन पायलट जोन को इस बात की परीक्षा माना जा रहा है कि क्या भविष्य में पूरे दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की व्यापक वापसी सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संभव हो सकेगी?
रोम वार्ता में इजरायल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिका में उसके राजदूत येचिएल लेइटर कर रहे हैं। वहीं, लेबनान का प्रतिनिधिमंडल बेरूत के निर्देश पर वार्ता में शामिल हुआ है और उसका प्रमुख उद्देश्य निर्धारित पायलट क्षेत्रों से इजरायली सेना की तत्काल वापसी की मांग रखना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोम स्थित अमेरिकी दूतावास में दो दिनों तक चलने वाली इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य 26 जून को हुए फ्रेमवर्क समझौते को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ठोस कदमों पर सहमति बनाना है।