Iron Dome air defense system: इजरायल ने ईरान युद्ध के दौरान संयुक्त अरब अमीरात को आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम दिया था।
Iron Dome System: मध्य-पूर्व में ईरान युद्ध को लेकर एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि इजरायल ने जंग के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को अपना एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम दिया था, साथ ही इसे संचालित करने के लिए कई सैनिकों को भी भेजा था।
इस बारे में कई इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, आयरन डोम बैटरी और इंटरसेप्टर भेजने का निर्णय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से फोन पर बातचीत करने के बाद लिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की तरफ से दागी गई कई ईरानी मिसाइलों को इस प्रणाली के जरिए नष्ट किया गया था। ईरान युद्ध के दौरान इस तरह के निर्णय से दोनों देशों के बीच सैन्य, सुरक्षा और खुफिया सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। युद्ध के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम प्रणाली की इस अभूतपूर्व तैनाती को पहले सार्वजनिक नहीं किया गया था।
'आयरन डोम' का इस्तेमाल ऑपरेशनल तौर अमेरिका या इजरायल के बाहर पहली बार किया गया है, हालांकि ऐसी खबरें हैं कि सिंगापुर ने आयरन डोम खरीद चुका है। इसी दिशा में अब रोमानिया भी है।
सितंबर 2020 में इजराइल और UAE द्वारा 'अब्राहम समझौते' पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच सैन्य, सुरक्षा और खुफिया सहयोग में लगातार बढ़ोतरी हुई है; लेकिन हाल ही में हुए ईरान युद्ध के दौरान यह सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। युद्ध के दौरान ईरान ने UAE पर लगभग 560 बैलिस्टिक-क्रूज मिसाइलें और 2,250 से अधिक ड्रोन दागे थे।
इनमें से अधिकतर मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया था, बावजूद कुछ एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सफल रहे थे, जिसके चलते सैन्य और नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा था।
UAE पर दागी जाने वाली मिसाइलों की संख्या को भी कम किया जा सके, इसके लिए अमेरिका और इजरायल दोनों ने दक्षिणी ईरान में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल टीमों के खिलाफ हमले किए।
इसके विपरीत इजराइल द्वारा सऊदी अरब को ऐसी कोई प्रणाली दिए जाने की कोई खबर नहीं है। सऊदी अरब ने इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने में रुचि दिखाई है, लेकिन ऐसा तभी होगा जब यरुशलम, फिलिस्तीनियों के साथ 'दो-राष्ट्र समाधान' की दिशा में महत्वपूर्ण रियायतें देने पर सहमत हो।