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यमन के हूतियों का इजराइल पर ‘मिसाइल वार’: एक्सपर्ट ने बताए युद्ध के 3 खतरनाक संकेत

Warfare: यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल के तेल अवीव और हाइफा पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागकर युद्ध में सीधी एंट्री की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान समर्थित इस हमले से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है।

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Mar 28, 2026
यमन के हूतियों ने इजराइल पर हमला किया । (फोटो: ANI)

Regional Conflict : यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा तेल अवीव (Tel Aviv) और हाइफा (Haifa) जैसे इजराइली शहरों को निशाना बनाने के बाद वैश्विक राजनीति गरमा गई है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक छिटपुट हमला नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) की शुरुआत हो सकती है। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) और अमेरिकी मीडिया (US Media) के अनुसार, हूतियों ने जिस सटीकता से बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic Missiles) का प्रयोग किया है, उसने इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defense System) के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी: "हूतियों की बढ़ती मारक क्षमता" (Strategic Strike and Military Prowess)

प्रसिद्ध सैन्य विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी (GD Bakshi) का मानना है कि हूतियों के पास अब ऐसी मिसाइलें हैं जो 2000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकती हैं। उनके अनुसार, यह हमला दिखाता है कि ईरान (Iran) ने अपने 'प्रॉक्सिस' को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर दिया है। बख्शी का तर्क है कि यदि हूती इसी तरह इजराइल के अंदरूनी हिस्सों को निशाना बनाते रहे, तो इजराइल को अपनी 'शक्ति प्रदर्शन' की नीति बदलते हुए यमन के भीतर निर्णायक सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strikes) करनी होगी।

ब्रह्मा चेलानी: "वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर संकट" (Maritime Security and Global Trade)

रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी (Brahma Chellani) ने इस हमले के आर्थिक पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि हाइफा जैसे बंदरगाह शहर पर हमला सीधे तौर पर समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को चुनौती देना है। चेलानी के अनुसार, हूतियों का मकसद लाल सागर और भूमध्य सागर के व्यापारिक मार्ग को असुरक्षित बनाना है। इससे भारत जैसे देशों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) बढ़ेगी और वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होगी, जो पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा 'आर्थिक झटका' साबित हो सकता है।

कमर आगा: "ईरान की बिछाई हुई बिसात" (Iranian Strategy and Proxy Warfare)

मध्य पूर्व मामलों के जानकार कमर आगा (Qamar Agha) का विश्लेषण है कि हूती विद्रोहियों का यह कदम पूरी तरह से तेहरान की रणनीति का हिस्सा है। आगा के अनुसार, हूतियों के जरिए इजराइल पर दबाव बनाकर ईरान यह संदेश दे रहा है कि वह इजराइल को कई मोर्चों पर उलझाने में सक्षम है। यह हमला लेबनान और गाजा में जारी संघर्ष से ध्यान भटकाने और इजराइली सेना की ऊर्जा को विभाजित करने की एक सोची-समझी प्रॉक्सी वॉर (Proxy War) रणनीति है।

इजराइल के रडार सिस्टम को जाम करने की कोशिश कर सकते हैं

ज्यादातर विशेषज्ञों का एकमत है कि इजराइल इस दुस्साहस का जवाब 'सख्त सैन्य कार्रवाई' से देगा। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पेंटागन अब यमन में हूतियों के लॉन्चिंग पैड्स (Launching Pads) और हथियार डिपो को नष्ट करने के लिए एक बड़े गठबंधन की तैयारी कर रहा है। ताजा स्थिति यह है कि इजराइल ने अपने 'एरो-3' मिसाइल डिफेंस सिस्टम को और अधिक सक्रिय कर दिया है। विशेषज्ञों को अंदेशा है कि आने वाले दिनों में हूती सुसाइड ड्रोन्स (Suicide Drones) का झुंड भेजकर इजराइल के रडार सिस्टम को जाम करने की कोशिश कर सकते हैं।

अरब-इजराइल में संभावित शांति वार्ताओं को पटरी से उतारने के लिए हमला

बहरहाल,राजनयिक विशेषज्ञों का एक वर्ग यह भी कह रहा है कि हूतियों की यह आक्रामकता सऊदी अरब और इजराइल के बीच संभावित शांति वार्ताओं को पूरी तरह पटरी से उतारने के लिए है। इस युद्ध के बहाने हूती खुद को पूरे अरब जगत में 'इजराइल विरोधी' नायक के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।

Published on:
28 Mar 2026 02:56 pm
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