
आईडीएफ की प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन।(फोटो: ANI/ X/@IDF)
IDF Strategic Warning: मध्य पूर्व में तनाव के बीच इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने एक बड़ा और सख्त बयान जारी किया है। इजराइल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह लेबनान सीमा पर अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा (Israel Lebanon Border Security)। IDF के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि लेबनान की सरकार अपने वादे के अनुसार आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह (Disarm Hezbollah) को हथियारों से मुक्त नहीं करा पाती है, तो इजराइल रक्षा बल इस जिम्मेदारी को खुद निभाएंगे (Military Action)। इजराइल का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह को फिर से शक्तिशाली होने से रोकना (Prevent Rearming) और क्षेत्र में शांति बहाल करना है (Regional Stability)।
इजराइली रक्षा बलों के अनुसार, लेबनान की संप्रभुता का सम्मान तभी तक है जब तक उसकी धरती से इजराइल पर हमले न हों। IDF ने कहा कि लेबनान सरकार को अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए। यदि लेबनान प्रशासन हिजबुल्लाह के ठिकानों को नष्ट करने और उनके हथियारों के जखीरे को जब्त करने में नाकाम रहता है, तो IDF इसे अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानेगा। इजराइल का मानना है कि हिजबुल्लाह का निहत्था होना न केवल इजराइल के लिए, बल्कि खुद लेबनान की स्थिरता के लिए भी जरूरी है
इजराइल ने इस बात पर भी जोर दिया है कि वह हिजबुल्लाह को फिर से हथियारबंद (Stop Re-weaponization) होने का कोई मौका नहीं देगा। खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए IDF ने कहा कि वे उन सभी रास्तों और स्रोतों पर नजर रख रहे हैं जहाँ से हिजबुल्लाह को आधुनिक मिसाइलें और ड्रोन प्राप्त हो सकते हैं। इजराइली वायु सेना और जमीनी इकाइयां किसी भी संदिग्ध गतिविधि का जवाब देने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। इजराइल का लक्ष्य हिजबुल्लाह की रसद आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ना है।
इजराइली रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि सीमा पर बफर जोन बनाने और तकनीकी निगरानी बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इजराइल का कहना है कि वह अब "प्रतीक्षा करो और देखो" की नीति पर काम नहीं करेगा। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, IDF की यह चेतावनी एक बड़े सैन्य अभियान की पूर्व संध्या भी हो सकती है। इजराइल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सूचित कर दिया है कि वह अपनी नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
अंत में, इजराइल ने यह संदेश दिया है कि शांति की एकमात्र राह हिजबुल्लाह का पूरी तरह से विसैन्यीकरण है। जब तक यह आतंकी समूह लेबनान में सक्रिय रहेगा और हथियारों का संग्रहण करेगा, तब तक युद्ध विराम की संभावनाएं क्षीण रहेंगी। इजराइल ने साफ कर दिया है कि उसकी सेना अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाएगी ताकि भविष्य में किसी भी बड़े खतरे को जड़ से मिटाया जा सके।
बहरहाल, अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों का मानना है कि IDF का यह बयान लेबनान सरकार पर दबाव बढ़ाने की एक कोशिश है, जिससे वह हिजबुल्लाह पर लगाम लगा सके। हालांकि, विशेषज्ञों को डर है कि इससे क्षेत्र में एक और बड़ा युद्ध छिड़ सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियां लेबनान को हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजी कर पाती हैं या इजराइल अपनी सैन्य योजना को अंजाम देगा। इस बीच, लेबनान के आम नागरिकों में भय का माहौल है। देश की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है और एक संभावित सैन्य टकराव लेबनान की बुनियादी संरचना को पूरी तरह तबाह कर सकता है। ( इनपुट: ANI)
Updated on:
27 Mar 2026 07:44 pm
Published on:
27 Mar 2026 07:43 pm
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