इटली की पीएम ने ट्रंप को जमकर सुनाया है। मेलोनी ने कहा कि अफगानिस्तान में सैन्य अभियान के दौरान कई इतालवी सैनिक मारे गए। हमारे काम को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर...
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में NATO के सैन्य अभियान के दौरान यूरोपीय देशों ने पूरा सहयोग किया। मेलोनी ने कहा कि हमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उन बयानों पर आश्चर्य हुआ है जिनके अनुसार अफगानिस्तान में अभियानों के दौरान NATO सहयोगी 'पीछे रह गए' होंगे। इतालवी पीएम ने कहा कि 9/11 के हमले के बाद NATO के सहयोगियों ने पूरी एकजुटता दिखाई थी।
उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि 11 सितंबर, 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद NATO ने अपने इतिहास में पहली और एकमात्र बार अनुच्छेद 5 को उपयोग में लाया था। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति एकजुटता का एक असाधारण कार्य था। उन्होंने इटली की तत्काल और निरंतर सैन्य प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इटली ने हजारों सैनिक तैनात किए। NATO के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र रीजनल कमांड वेस्ट का नेतृत्व संभाला।
मेलोनी ने कहा कि लगभग बीस वर्षों की प्रतिबद्धता के दौरान हमारे राष्ट्र ने एक ऐसी कीमत चुकाई है। जिस पर विवाद नहीं किया जा सकता। मेलोनी ने अफगानिस्तान में 50 से अधिक इतालवी सैनिक मारे गए और 700 से अधिक घायल हुए। मेलोनी ने कहा कि अफगानिस्तान में NATO देशों के योगदान को कम करने वाले बयान अस्वीकार्य हैं। खासकर अगर वे किसी सहयोगी राष्ट्र से आते हैं। मेलोनी ने कहा, "दोस्ती के लिए सम्मान की आवश्यकता होती है, जो अटलांटिक गठबंधन के मूल में एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए एक मौलिक शर्त है।
ट्रंप ने NATO सहयोगियों का जिक्र करते हुए कहा था कि हमें उनकी कभी जरूरत नहीं पड़ी, हमने उनसे कभी कुछ नहीं मांगा। आप जानते हैं, वे कहेंगे कि उन्होंने अफगानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे, या यह या वह, और उन्होंने ऐसा किया, वे थोड़ा पीछे रहे, अग्रिम पंक्ति से थोड़ा दूर।