Italy Shocks China: इटली ने हाल ही में एक ऐसा कदम उठाया है जिससे चीन को झटका लगा है। क्या है इटली का वो फैसला? आइए जानते हैं।
कुछ दिन पहले भारत (India) के पीएम नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) दुबई (Dubai) में COP28 में शामिल होने गए थे। इस दौरान पीएम मोदी कई देशों के लीडर्स से मिले। पर जिस मुलाकात ने इंटरनेट पर धूम मचा दी, वो रही पीएम मोदी की और इटली (Italy) की पीएम जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) की। दोनों एक-दूसरे के अच्छे दोस्त हैं और मिलने के बाद दोनों ने सेल्फी भी ली, जिसे मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया पर #Melodi के साथ शेयर किया। #Melodi पीएम मोदी और मेलोनी के सरनेम का कॉम्बिनेशन है। सोशल मीडिया पर जहाँ अभी भी इसकी चर्चा चल रही है, वहीं इस बीच इटली ने हाल ही में एक ऐसा फैसला लिया है जिससे चीन (China) को झटका लगा है। यह फैसला इटली की चीन के BRI प्रोजेक्ट में मेम्बरशिप से जुड़ा है।
इटली हुआ BRI प्रोजेक्ट से अलग
इटली ने चीन के BRI (बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव) प्रोजेक्ट से अलग होने का फैसला लिया है। बुधवार को इटली की तरफ से इस बारे में जानकारी दी गई। इटली ने इस बात की सूचना चीन को भी दे दी है।
BRI का इकलौता G7 मेंबर था इटली
चीन के BRI प्रोजेक्ट में इटली इकलौता G7 मेंबर था। इटली 4 साल पहले 2019 में चीन के इस प्रोजेक्ट में शामिल हुआ था। 2024 में चीन का यह प्रोजेक्ट रिन्यू होने वाला था पर उससे पहले ही इटली ने इससे अलग होने का फैसला लिया है।
चीन के साथ अच्छे रिश्ते बरकरार रखेगा इटली
इटली ने भले ही चीन के BRI प्रोजेक्ट से हटने का फैसला लिया है, पर वो चीन के साथ अच्छे रिश्ते बरकरार रखेगा।
चीन की तरफ से नहीं आई प्रतिक्रिया
इटली के BRI से अलग होने पर चीन की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पीएम मोदी और मेलोनी की मुलाकात के कुछ दिन बाद ही इटली हुआ अलग
पीएम मोदी और मेलोनी कुछ दिन पहले ही मिले थे और कई अहम विषयों पर बातचीत भी की थी। वहीं चीन का BRI प्रोजेक्ट राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) का खास प्रोजेक्ट है। भारत और चीन के संबंधों में उतार-चढ़ाव भी किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में पीएम मोदी और मेलोनी की मुलाकात के कुछ दिन बाद ही इटली का BRI प्रोजेक्ट से अलग होना जिनपिंग की चिंता कुछ हद तक बढ़ा सकता है।