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इज़रायल पर बरसे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कहा – ‘कुछ नेता युद्ध लंबा खींचना चाहते हैं’

JD Vance Slams Israeli Leaders: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान युद्ध में इज़रायल की भूमिका पर कई नेताओं को निशाना साधा है। क्या कहा वेंस ने? आइए जानते हैं।
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Jul 17, 2026
JD Vance
जेडी वेंस (File Photo)

ईरान युद्ध (War Against Iran) के बीच अमेरिका (United States of America) के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने इज़रायल (Israel) की भूमिका पर निशाना साधा है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि इज़रायली सरकार के कुछ नेता अमेरिकी जनता की राय बदलने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे ईरान के साथ युद्ध लंबे समय तक चलता रहे। वेंस के अनुसार इज़रायली सिस्टम के कुछ लोग ईरान के साथ अमेरिका की शांति वार्ता को बिगाडऩे में लगे हैं।

वेंस को है पूरा भरोसा

वेंस ने ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए पिछले महीने हुए अमेरिकी समझौते का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इज़रायली सरकार में कुछ लोग यह नहीं चाहते कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो और इसलिए वो पूरी कोशिश कर रहे हैं कि युद्ध खत्म न हो। हालांकि वेंस ने उन लोगों का नाम नहीं बताया पर यह साफ कर दिए कि उन्हें ज़रा भी शक नहीं हैं कि कुछ इज़रायली नेता अपने फायदे के लिए ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को और खींचने के पक्ष में हैं।

चलाया जा रहा है अभियान

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को नाकाम करने के लिए एक विदेशी अभियान चलाया जा रहा है। उनका मानना है कि ईरान युद्ध के बारे में अमेरिकी लोगों की राय को प्रभावित करने के लिए एक डिजिटल अभियान को फैलाया जा रहा है और इसे बढ़े ही ञुप्त रूप से चलाया जा रहा है। वेंस का यह भी मानना है कि इस अभियान में भारी फंडिंग हुई है जिससे ईरान के खिलाफ युद्ध को अनिश्चित काल तक जारी रखा जा सके और इस विषय में अमेरिकी जनता की नकारात्मक राय को पूरी तरह से बदला जा सके।

चौकाने वाला आरोप

वेंस के इस आरोप को इज़रायल के पूर्व राजनयिक एलोन पिंकस (Alon Pinkas) ने चौकाने वाला बताया है। पिंकस ने यह भी कहा कि वेंस के बयान से यह साफ है कि अमेरिका और इज़रायल हर मुद्दे पर एक जैसी राय नहीं रखते। पिंकस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "अमेरिका के किसी भी मौजूदा उपराष्ट्रपति ने कभी भी इज़रायल पर अमेरिकी नीति को कमजोर करने के लिए खुले तौर पर अभियान चलाने का आरोप नहीं लगाया है। दोनों देशों के बीच पहले भी मतभेद और तनाव रहे हैं। लेकिन किसी मौजूदा उपराष्ट्रपति का इस तरह का आरोप लगाना चौंकाने वाली बात है।"