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JLF 2026 में पोलैंड की पुतिन को चेतावनी: ‘चीन का आर्थिक गुलाम बन रहा है रूस’, कैसे डटा रहे यूक्रेन ?

Diplomacy: पोलैंड के डिप्टी पीएम ने जयपुर साहित्य महोत्सव में रूस-यूक्रेन युद्ध पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पुतिन की गलत नीतियों के कारण रूस अब चीन पर निर्भर होता जा रहा है।

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Jan 18, 2026
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने जेएलएफ 2026 जयपुर में । (फोटो: ANI)

Sovereignty: पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की (Radoslaw Sikorski Speech) ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि व्लादिमीर पुतिन का '3 दिन का मिशन' अब रूस की तबाही का कारण बन रहा है। उन्होंने जयपुर के मंच से यूक्रेन के लोगों को अपनी संस्कृति और आजादी के लिए मजबूती से डटे रहने का आह्वान किया। उन्होंने -20 डिग्री की भीषण ठंड में बिना बिजली के जी रहे यूक्रेनी नागरिकों के मानवीय संकट (Russia Ukraine War) पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सजे 'जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल' (JLF 2026 Jaipur) के मंच से रविवार को वैश्विक राजनीति की तपिश महसूस की गई।

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पुतिन की रणनीति पर सवाल उठे

सिकोरस्की ने "संकट में एक महाद्वीप" सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि रूस ने इस युद्ध को बहुत हल्का समझा था। पुतिन की योजना इस संघर्ष को महज तीन दिनों में खत्म करने की थी, लेकिन आज यह एक लंबा और थका देने वाला युद्ध बन चुका है। रूस इस युद्ध में न केवल अपने हजारों सैनिक खो रहा है, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था भी अब आईसीयू (ICU) में पहुंच गई है। उन्होंने -20 डिग्री की भीषण ठंड में बिना बिजली के जी रहे यूक्रेनी नागरिकों के मानवीय संकट पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।

रूस-चीन दोस्ती: 'शॉर्ट टर्म गेन, लॉन्ग टर्म पेन'

पोलिश उप प्रधानमंत्री ने रूस और चीन के बीच बढ़ती नजदीकी को रूस के लिए आत्मघाती बताया। उन्होंने कहा कि पुतिन अपनी राष्ट्रीय संपत्ति चीनी उत्पादों पर खर्च कर रहे हैं और रूस धीरे-धीरे आर्थिक रूप से चीन पर निर्भर होता जा रहा है। यह निर्भरता समय के साथ रूस को वैश्विक स्तर पर एक कमजोर राष्ट्र बना देगी।

यूरोप को आत्मनिर्भर बनने की चेतावनी

सिकोरस्की ने अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप के प्रभाव और बदलते रिश्तों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि अब यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए किसी और के भरोसे नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा क्षमताएं खुद मजबूत करनी होंगी। पोलैंड इस दिशा में आगे बढ़ते हुए पहले ही अपना रक्षा बजट बढ़ा चुका है और यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने वाला पहला देश बना था।

परमाणु त्याग की याद और 'धोखा'

सिकोरस्की ने याद दिलाया कि यूक्रेन ने कभी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु हथियारों का जखीरा इस वादे पर छोड़ दिया था कि उसकी सीमाओं की सुरक्षा की जाएगी। लेकिन आज उसकी क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन हो रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

जेएलएफ के गलियारों में चर्चा: राजनयिक प्रतिक्रिया

जयपुर में मौजूद कई अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों ने इसे पोलैंड का सबसे साहसी बयान बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोलैंड ने भारत के मंच का रूस के खिलाफ वैश्विक राय बनाने के लिए उपयोग किया है। सत्र में मौजूद श्रोताओं ने युद्ध के मानवीय पक्ष और यूक्रेन की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के मुद्दे पर पोलिश मंत्री का समर्थन किया।

आगे की हलचल : मास्को और बीजिंग की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस कूटनीतिक हमले के बाद अब मास्को और बीजिंग की प्रतिक्रिया का इंतजार है। पोलैंड के इस रुख के बाद यूरोपीय संघ (EU) के अन्य देशों पर भी अपनी रक्षा नीति को और अधिक कड़ा करने का दबाव बढ़ सकता है।

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