
Russia Sanctions: अमेरिका द्वारा हाल ही में पास किए गए बिल को लेकर पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की प्रतिक्रिया आई है। लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026 को लेकर बोल्टन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ज्यादा प्रतिबंध लगाने की ताकत देना एक बड़ी गलती है। उन्होंने ट्रंप को रूस और चीन को लेकर अपनी रणनीति पर चेताया है। उन्होंने कहा कि रूस पर दबाव बढ़ाने की जरूरत हो सकती है, लेकिन अमेरिका को सबसे ज्यादा ध्यान चीन पर देना चाहिए।
जॉन बोल्टन ने कहा कि ट्रंप को अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की ताकत देना सही कदम नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि रूस पर ज्यादा दबाव न डाला जाए। उनके मुताबिक रूस पर दबाव बढ़ाने की जरूरत है, लेकिन इसके लिए अपनाई जाने वाली रणनीति महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि रूस के साथ कारोबार करने वाले दूसरे देशों पर लगाए जाने वाले सैंक्शन से बहुत बड़ी समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहम बिल या पहले से मिले हुए प्रतिबंध के अधिकार से अमेरिका वास्तव में रूस पर ज्यादा दबाव नहीं डाल पाएगा।
बोल्टन ने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में रूस पर प्रतिबंध लगाना चाहता है तो उससे तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े देश पर ध्यान देना चाहिए और वह देश चीन है। उन्होंने कहा कि यही वह देश है जिसके नेता से ट्रंप अगले दिन मुलाकात करने वाले हैं। बोल्टन के मुताबिक ऐसे में चीन पर सबसे बड़े प्रतिबंध लगाने की जरूरत है। बोल्टन ने कहा कि उनके विचार में ट्रंप ने चीन पर उतना ध्यान नहीं दिया है, जितना देना चाहिए था।
बोल्टन ने अमेरिका और भारत के बीच रिश्तों को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के साथ एशियन सिक्योरिटी क्वाड जैसे समूहों में भी जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उनका कहना है कि इन देशों को चीन को लेकर अपनी साझा चिंताओं पर बातचीत करनी चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब नए अमेरिकी कानून के तहत रूस की ऊर्जा खरीदने वाले बड़े देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है।