गाज़ा में चल रहे इजरायल फिलीस्तीन युद्ध के विराम ना लेने पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि यहां लोग भूखे मर रहे हैं, निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। फिर भी ये युद्ध नहीं रुक रहा है।
इजरायल औऱ फिलिस्तीन के बीच चल रहा ये युद्ध (Israel-Palestine war) खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, हालांकि अमेरिका (U.S.A.) ने इसका दावा तो कर दिया था कि रमजान (Ramadan) के पवित्र महीने की शुरुआत होते ही ये संघर्षविराम हो जाएगा, जो कि 9-10 मार्च से शुरू हो रहा है। लेकिन इस के संघर्षविराम (Ceasefire In Gaza) के होने तक गाज़ा में नारकीय जीवन जी रहे लोग अब मौत के मुंह में जाने लगे हैं। भूख से तो वहां मौतें हो रही हैं साथ ही भूखे लोगों पर भी गोलियां बरसा कर उनका जीवन खत्म किया जा रहा है। पूरी दुनिया में इसकी आलोचना हो रही है। संघर्षविराम की तारीख बताने वाले अमेरिका ने ही अब दोबारा इस संघर्षविराम को जल्द खत्म करने को कहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) गाज़ा में हो रही इस अमानवीयता पर भड़क गई हैं। उन्होंने कहा है कि गाजा़ में लोग भूख से मरने लगे हैं लेकिन ये युद्ध खत्म नहीं हो रहा है, जल्द ही यहां संघर्षविराम हो।
कमला हैरिस (Kamala Harris) ने आज दिए गए अपने एक संबोधन में कहा कि संघर्षविराम के दौरान युद्ध बंधकों को बाहर निकाला जा सकेगा और बड़ी मात्रा में सहायता मिलेगी। इज़राइल को सहायता देने की अनुमति देने के लिए और ज्यादा कोशिश करनी चाहिए, जिसमें नई सीमा को खोलना और गैरजरूरी प्रतिबंध नहीं लगाना शामिल है। क्योंकि अब गाजा में लोग भूख से मर रहे हैं। हालात अमानवीय हो चले हैं और हमारी मानवता हमें ये काम करने के लिए मजबूर करती है।
हम किस दुनिया में जी रहे हैं - कमला
कमला हैरिस (Kamala Harris) ने इस संबोधन में हाल ही में हुई घटना का भी जिक्र किया, जिसमें इजरायली सैनिकों ने भोजन का इंजतार कर रहे फिलिस्तीनियों को गोलियों से भून डाला था। इसमें 104 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 500 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कमला ने कहा इस घटना ने हमें अंदर तक झकझोर कर रख दिया और हमें सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर हम किस दुनिया में जी रहे हैं।
हवाई सेवा से अमेरिका पहुंचा रहा भोजन
बता दें कि अमेरिका (U.S.A.) ने 2 दिन पहले ही गाज़ा के लोगों को हवाई सेवा के जरिए भोजन पहुंचाने का ऐलान किया था। अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा था कि वो हवाई जहाज के जरिए गाजा के भूखे लोगों को भोजन पहुंचाएंगे। गाज़ा में निर्दोष जिंदगियां खतरे में हैं और बच्चों की भी जिंदगियां खत्म हो रही हैं। जब तक हम वहां सभी को सहायत पहुंचा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हमें केवल कुछ ही नहीं बल्कि सैकड़ों भोजन के ट्रक चाहिए, जो वहां की भूखी जनता का पेट भर सके।
5,76,000 लोग अकाल के साए में
पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी एजेंसी (UNOCHA) की रिपोर्ट में कहा गय़ा था कि गाजा में 5,76,000 लोग अकाल के दरवाजे पर खड़े हैं। गाजा (Gaza) में दो साल से कम उम्र के प्रति 6 बच्चों में से एक गंभीर कुपोषण और कमजोरी से पीड़ित हो रहा है और फिलिस्तीन (Phalestine) के सभी 2.3 मिलियन लोग जिंदा रहने के लिए जिस भोजन को खा रहे हैं, वो बेहद अपर्याप्त है। अगर कुछ नहीं किया गया, तो हमें डर है कि गाजा में व्यापक रूप से अकाल फैल जाएगा।