
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ( AI जनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो)
Iran US War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद कड़ी और आक्रामक चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि, समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर ईरान ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो उसका नामोनिशान मिट सकता है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर चल रही बातचीत लगातार अटकती जा रही है। दोनों देशों के बीच फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया में तनाव अब भी चरम पर बना हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ईरान के लिए घड़ी चल रही है। उन्हें बहुत तेजी से कदम उठाना होगा, वरना उनका कुछ भी नहीं बचेगा। समय बेहद महत्वपूर्ण है।”
ट्रंप की इस चेतावनी को अब तक की सबसे सख्त अमेरिकी प्रतिक्रिया माना जा रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस अब एक बार फिर सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने शनिवार को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ ईरान मुद्दे पर बैठक की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंगलवार को व्हाइट हाउस के ‘सिचुएशन रूम’ में शीर्ष सुरक्षा टीम के साथ एक और अहम बैठक हो सकती है, जिसमें सैन्य कार्रवाई समेत कई विकल्पों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप लंबे समय से ईरान के साथ समझौते की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी शर्तों को ठुकरा रहा है। इसी वजह से अब वॉशिंगटन का रुख और ज्यादा सख्त होता दिख रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा, तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इस बीच पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 90 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान संघर्ष पर चर्चा हुई।
ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इराक ने अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने दिया, जो “जिम्मेदार और सराहनीय कदम” है।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों देश ईरान में अस्थिरता फैलाने और सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सीमाओं के जरिए आतंकवादी समूहों को समर्थन देने की साजिश रची गई, लेकिन पड़ोसी देशों के सहयोग से इन कोशिशों को विफल कर दिया गया।
अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बाद भी शांति वार्ता बार-बार रुकती रही है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे की शर्तों को खारिज कर रहे हैं। अब ट्रंप की नई चेतावनी ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में बड़े सैन्य टकराव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
Published on:
18 May 2026 04:06 am
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