
Khyber Pakhtunkhwa Lady Doctor Murder: आतंकियों का पालन-पोषण करने वाला पाकिस्तान अब बुरी तरह फंस चुका है। स्थानीय लोग डर-डर के जी रहे हैं। घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। खासकर खैबर पख्तूनख्वा में… बीते कल खबर आई थी कि पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंक के खिलाफ ऑपरेशन चलाया, जिसमें 6 आतंकी मारे गए थे। इस अभियान में कई सुरक्षाबलों की घायल होने की खबरें भी सामने आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला डॉक्टर का नाम वरदा मुश्ताक है, जो एबटाबाद की रहने वाली थी। पुलिस की जांच के अनुसार, डॉ. वरदा को पिछले हफ्ते किडनैप किया गया था। यह किडनैपिंग एक खतरनाक और संगठित गैंग द्वारा की गई, जो फिरौती, ड्रग तस्करी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी अपराधों में शामिल बताया जा रहा है। तीन दिनों तक लापता रहने के बाद, पुलिस को उनका शव थंडियानी पहाड़ियों की गहरी खाई से मिला।
डॉ. वरदा 5 नवंबर को अचानक गायब हो गई थीं। आखिरी बार उन्हें अपनी दोस्त रिदा के साथ डीएचक्यू अस्पताल से बाहर निकलते देखा गया था। पुलिस लगातार खोज करती रही, लेकिन शुरुआत में कुछ भी पता नहीं चल पाया। अंत में, पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और फिर यह दर्दनाक सच्चाई सामने आई।
खबर सामने आते ही पूरे प्रदेश में हंगामा मच गया है। डॉक्टरों ने विरोध में ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं और सरकार पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। डॉक्टरों का कहना है कि चिकित्सक के लापता होने के तुरंत बाद अगर कार्रवाई की गई होती तो उनकी दर्दनाक मौत नहीं होती।
मंगलवार सुबह डीएचक्यू हॉस्पिटल हरिपुर में सिविल सोसाइटी की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है। पीडीए ने घोषणा की है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक पूरे इलाके में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी।
‘हम’ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रांतीय पुलिस चीफ से पूरा विवरण मांगा है। उन्होंने कहा कि वे मेडिकल कम्युनिटी और मृतक डॉक्टर के परिवार के साथ खड़े हैं।