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72 साल बाद भी नहीं मिला कोरियाई युद्ध में क्रैश हुआ विमान, अमेरिका-दक्षिण कोरिया ने शुरू किया अंडरवॉटर सर्च ऑपरेशन

Underwater Search Operation: कोरियाई युद्ध के 72 साल बाद भी क्रैश हुए सैन्य विमान का मलबा नहीं मिला है। अब दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने साथ मिलकर ढूढ़ने का अंडरवॉटर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
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Aug 03, 2026
US-South Korea Mission
दक्षिण कोरिया-अमेरिका ने शुरू किया अन्डरवॉटर सर्वे। (सोर्स: AI जनरेटेड इमेज)

US-South Korea Mission: कोरियाई युद्ध खत्म हुए 72 साल से ज्यादा समय बीत चुका है। लेकिन उस दौर में दुर्घटनाग्रस्त हुए कई सैन्य विमानों के मलबे का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। अब दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने मिलकर अमेरिकी सैन्य विमान का मलबा खोजने का जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ मलबा ढूंढना नहीं, बल्कि उन सैनिकों की यादों को सम्मान देना भी है, जो युद्ध के दौरान लापता हो गए थे।

समुद्र में शुरू हुआ संयुक्त अंडरवॉटर ऑपरेशन

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने सोमवार को देश के पूर्वी तट के पास ये अभियान शुरू किया है। यह ऑपरेशन गैंगवोन प्रांत के गंगनेउंग और यांगयांग इलाके में चलाया जा रहा है। यह अभियान 28 अगस्त तक जारी रहेगा।

इस मिशन में दक्षिण कोरिया की एजेंसी फॉर केआईए रिकवरी एंड आइडेंटिफिकेशन और अमेरिका की डिफेंस पीओडब्ल्यू/एमआईए अकाउंटिंग एजेंसी शामिल हैं। दोनों देश मिलकर कोरियाई युद्ध के दौरान लापता हुए अमेरिकी विमानों और सैनिकों से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। इस खोज अभियान में करीब 40 एक्सपर्ट को लगाया गया है। इसमें दक्षिण कोरियाई नौसेना, वायुसेना और अमेरिकी अंडरवॉटर विशेषज्ञ व गोताखोर शामिल हैं।

1952 में क्रैश हुए अमेरिकी विमानों की तलाश

इस ऑपरेशन में सबसे पहले फरवरी 1952 में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी एफ4यू कॉर्सेयर फाइटर विमान को खोजा जाएगा। रिकॉर्ड के अनुसार, यह विमान एक क्षतिग्रस्त अमेरिकी बॉम्बर विमान की सुरक्षा करते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे में एक पायलट की मौत हो गई थी।

इसके बाद टीम गंगनेउंग इलाके के पास अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान कर्टिस सी-46 कमांडो के मलबे की तलाश करेगी। यह विमान 1952 में अक्टूबर और नवंबर के दौरान दो अलग-अलग दुर्घटनाओं का शिकार हुआ था।

पहली दुर्घटना में विमान में सवार 17 लोग लापता हो गए थे। वहीं दूसरी दुर्घटना में कुछ शव बरामद हुए थे।

आधुनिक तकनीक से समुद्र की गहराई में खोज

विमान के मलबे को खोजने के लिए टीम अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। इसमें पानी के अंदर काम करने वाले डिटेक्टर सिस्टम शामिल हैं। अगर किसी विमान का मलबा मिलता है, तो गोताखोर और रिमोट सेंसर उपकरण उसकी जांच करेंगे। इससे दुर्घटना की सही जानकारी जुटाने और लापता सैनिकों से जुड़े सबूत हासिल करने में मदद मिल सकती है।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया साल 2011 से युद्ध में लापता हुए सैनिकों और उनके अवशेषों को खोजने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह नया अभियान उसी प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दशकों पुराने अधूरे अध्याय को पूरा करना है। बता दें ये युद्ध 1950-53 के बीच हुआ था।

Updated on:
03 Aug 2026 05:29 pm
Published on:
03 Aug 2026 05:29 pm