
Kuwait Airport Attack : खाड़ी देशों में सुरक्षा के हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक बड़े हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है और वे स्थानीय प्रशासन के साथ मिल कर मृतक के परिवार को सहायता पहुंचाने में जुटे हुए हैं। इस घटना के बाद कुवैत सहित पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासियों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया है।
इस हमले के साथ ही मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें तेज हो गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव अब बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। हालिया मिसाइल हमलों के जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'केशम द्वीप' पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उन्होंने ईरान के सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया है। इस जवाबी कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं।
कुवैत में भारतीय दूतावास ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की अपील की है। हमले में मारे गए भारतीय नागरिक की पहचान और उसके शव को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदल गया है। अमेरिकी हवाई हमलों से ईरान बौखलाया हुआ है और उसके समर्थित गुटों द्वारा कुवैत जैसे शांतिपूर्ण देशों के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला इसी सिलसिले की एक कड़ी माना जा रहा है, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कुवैत हमले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है, "हम इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हमारे नागरिक की मौत बेहद दुखद है। हम कुवैती अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि वहां मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।" वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिकी हितों और सहयोगियों पर होने वाले किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
कुवैत एयरपोर्ट प्रशासन ने हमले के बाद विमानों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि यह हमला ड्रोन से किया गया था या रॉकेट से। भारतीय दूतावास ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि कुवैत में फंसे भारतीय अपने परिजनों की कुशलता की जानकारी ले सकें।
बहरहाल, इस युद्ध और अशांति का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा स्रोत है। यदि अमेरिका और ईरान का यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत समेत कई देशों में महंगाई का नया संकट खड़ा हो सकता है।