New US Secretary Of State: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से जल्द ही अमेरिका में नई सरकार बनेगी। ऐसे में सरकार में कैबिनेट मंत्री भी नए होंगे। अलग-अलग मंत्रालयों के लिए उन लोगों के नाम आना भी शुरू हो गया है जिसे ज़िम्मेदारी मिल सकती है। विदेश मंत्रालय एक अहम मंत्रालय है। कौन है अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लिए ट्रंप की पहली पसंद? आइए जानते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Elections) में रिपब्लिक पार्टी (Republic Party) के डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बाज़ी मारते हुए बड़ी जीत दर्ज की। ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनेंगे। 20 जनवरी, 2025 को ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर दूसरी बार शपथ लेंगे और उनकी शपथ ग्रहण के लिए एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन होगा। यह आयोजन अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग (US Capital Building) में होगा, जो अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. (Washington D.C.) में स्थित है। ट्रंप की सरकार बनते ही नए कैबिनेट का भी गठन होगा और अलग-अलग मंत्रालयों के लिए अलग-अलग मंत्रियों की नियुक्ति होगी। इनमें विदेश मंत्रालय एक अहम मंत्रालय है और इस मंत्रालय के लिए एक शख्स ट्रंप की पहली पसंद है।
मार्को रूबियो (Marco Rubio) अमेरिका के नए विदेश मंत्री बन सकते हैं। मार्को फ्लोरिडा राज्य के सीनेटर भी है और अमेरिकी विदेश मंत्री बनाए जाने के लिए ट्रंप की पहली पसंद भी। हालांकि अभी तक रूबियो के अमेरिकी विदेश मंत्री बनने का फैसला फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप जल्द ही रुबियो के नाम पर मुहर लगा सकते हैं।
रुबियो भारत (India) समर्र्थक है। रुबियो ने समय-समय पर खुलकर भारत का समर्थन किया है और हमेशा ही भारत-अमेरिका संबंधों की मज़बूती पर भी जोर दिया है। ऐसे में अगर रुबियो अमेरिका के नए विदेश मंत्री बनते हैं, तो भारत के नज़रिए से यह एक सकारात्मक फैसला होगा।
यह भी पढ़ें- पाकिस्तान की हवा हुई बेहद जहरीली, पंजाब में 1.1 करोड़ बच्चे खतरे में
रुबियो एक समय पर ट्रंप के आलोचक थे। 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में में रिपब्लिक पार्टी से ट्रंप के साथ ही रूबियो ने भी राष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश की थी। उस दौरान रूबियो ने ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए सबसे घटिया इंसान और जालसाज तक बोल दिया था। रुबियो ने ट्रंप की खूब आलोचना की थी। लेकिन ट्रंप ने 2016 में न सिर्फ रिपब्लिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की दावेदारी जीती, बल्कि चुनाव जीतकर राष्ट्रपति भी बने। उसके बाद ट्रंप और रुबियो के संबंधों में सुधार हुआ और रुबियो अब ट्रंप समर्थक बन चुके है और ट्रंप के ख़ास भी। इसी वजह से ट्रंप उन्हें अमेरिकी विदेश मंत्री बना सकते हैं।
यह भी पढ़ें- सेना को मिली बड़ी कामयाबी, चाड में मार गिराए बोको हराम के 96 आतंकी