
US-Iran War: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के मौजूदा शासन को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। रुबियो ने ईरान के नेताओं को पागल मौलवी बताया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। ये अपने ही लोगों के कातिल हैं। इन्होंने अपने हजारों नागरिकों को मारा है। ऐसे में अगर इनको परमाणु हथियार और उसे इस्तेमाल करने का तरीका पता चल गया तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि ईरान के शासन ने अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लोगों के पास परमाणु हथियार होगा तो उसके परिणामों की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
उन्होंने अपने ही हजारों लोगों को मार डाला है। एक और बात की ओर ध्यान दिलाते हुए रुबियो ने कहा कि अगर ईरान की मौजूदा सरकार के पास परमाणु हथियार होता, तो तेल की कीमतें आज की तुलना में और ज्यादा होती।
रुबियो ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान कुछ NATO देशों पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच NATO देशों ने अमेरिका को अपने विदेशी सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। इस बात से उन्हें निराशा हुई।
उन्होंने कहा कि NATO में अमेरिकी ठिकाने रखने का एक बड़ा फायदा यह है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को वहां से इस्तेमाल कर सके। अगर हमें इसकी इजाजत नहीं मिलती है, तो NATO में हमारे बने रहने का सबसे बड़ा कारण ही खत्म हो जाता है।
हालांकि, रुबियो ने कहा कि यह मुद्दा NATO के सदस्य देशों के सामने उठाया गया है और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आएगी।
ईरान युद्ध को लेकर रुबियो ने यह भी कहा कि समझौते और कूटनीति का रास्ता कभी पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालात बदल सकते हैं। ईरान के भीतर कुछ बदलाव हो सकता है या वहां की सरकार कुछ समय के लिए यह तय कर सकती है कि उसके लिए कूटनीति और बातचीत बेहतर विकल्प है।