Hajj : सऊदी अरब ने आगामी हज यात्रा और क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए मक्का में बिना परमिट प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही उमराह वीजा भी अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिए गए हैं।
Hajj 2026: सऊदी अरब ने आगामी हज यात्रा की तैयारियों और मध्य पूर्व में चल रहे जंग के हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। सऊदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मक्का शहर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल उन्हीं लोगों को मक्का में एंट्री मिलेगी जिनके पास हज का आधिकारिक परमिट होगा या जो मक्का के स्थायी निवासी हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना इजाजत मक्का में घुसने की कोशिश करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें निर्वासित भी किया जा सकता है।
हर साल दुनिया भर से लाखों मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और हाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उमराह वीजा जारी करना भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। जो लोग उमराह वीजा पर पहले से सऊदी अरब में मौजूद हैं, उन्हें भी निर्देश दिए गए हैं कि वे हज शुरू होने से पहले मक्का शहर खाली कर दें। प्रशासन ने शहर के चारों ओर चेकपोस्ट बना दिए हैं और हर आने-जाने वाले वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है।
सऊदी अरब के इस अचानक और सख्त फैसले से उन लोगों में निराशा है जो आने वाले हफ्तों में उमराह करने की योजना बना रहे थे। कई ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों को अपने पैकेज रद्द करने पड़े हैं। हालांकि, इस्लामी विद्वानों और हज पर जाने वाले यात्रियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले जायरीन की सुरक्षा और सुविधा के लिए ऐसे सख्त नियम बेहद जरूरी हैं, ताकि हज के दौरान मक्का में अनावश्यक भीड़भाड़ और अव्यवस्था न फैले।
सऊदी अरब का गृह मंत्रालय अब हज सीजन खत्म होने तक इन नियमों का सख्ती से पालन कराएगा। मक्का जाने वाले सभी रास्तों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है। इसके अलावा, अवैध रूप से हज कराने वाले फर्जी टूर ऑपरेटरों के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया गया है। हज के सुचारू रूप से संपन्न होने के बाद ही उमराह वीजा की प्रक्रिया दोबारा बहाल की जाएगी।
मक्का में इस बार की सख्ती को केवल भीड़ प्रबंधन के नजरिए से नहीं देखा जा रहा है। मध्य पूर्व में इजरायल और लेबनान-अमेरिका/ईरान के बीच चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय तनाव ने सऊदी अरब की चिंताओं को बढ़ा दिया है। सऊदी सरकार किसी भी हाल में यह नहीं चाहती कि हज जैसे पवित्र मौके पर कोई राजनीतिक प्रदर्शन हो या सुरक्षा में कोई सेंध लगे। 'जंग के बीच' मक्का को सुरक्षित छावनी में तब्दील करने के पीछे कूटनीतिक और भू-राजनीतिक कारण भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, ताकि दुनिया भर से आए लाखों हाजियों की सुरक्षा की पूरी गारंटी दी जा सके।