
Donald Trump (Washington Post)
US-Israel-Iran conflict: ईरान पर पिछले महीने 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। एक तरफ अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर हमले जारी हैं, वहीं तेहरान भी पटलवार का कोई भी मौका नहीं गंवा रहा। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि अब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व में खाड़ी देश अमेरिका से जंग जारी रखने का आग्रह कर रहे हैं। इसको लेकर उनका तर्क है कि अमेरिका और इजरायल के अभियान से तेहरान पर्याप्त रूप से कमजोर नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के अधिकारियों ने निजी बातचीत में यह स्पष्ट किया कि वे सैन्य अभियान को तब तक समाप्त नहीं करना चाहते, जब तक ईरानी नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हो जाए या ईरान के व्यवहार में परिवर्तन नहीं हो जाए। खाड़ी देशों की तरफ से यह दबाव ऐसे वक्त में आया है जब ट्रंप कभी यह दावा करते हैं कि ईरान का कमजोर नेतृत्व संघर्ष को सुलझाने के लिए तैयार है। वहीं ट्रंप कभी यह धमकी देते हैं कि यदि जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो जंग को और तेज कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट में एक डिप्लोमैट के हवाले से बताया गया है कि खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शायद सबसे आक्रामक देश बनकर उभरा है। वह ट्रंप पर जमीन आक्रमण का आदेश देने का दबाव डाल रहे हैं। कुवैत और बहरीन भी इस विकल्प के पक्ष में हैं। ईरान की तरफ से 2,300 से अधिक मिसाइल और ड्रोन हमलों को झेल चुका संयुक्त अरब अमीरात की बेचैनी इस वजह से भी है क्योंकि इन हमलों की वजह से मध्य-पूर्व के सुरक्षित, समृद्ध व्यापार और पर्यटन केंद्र के की उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
सऊदी अरब का कहना है कि युद्ध समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निष्क्रिय करना, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, प्रॉक्सी समूहों को तेहरान का समर्थन समाप्त करना और यह भी सुनिश्चित किया जाना शामिल होना चाहिए कि भविष्य में ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी ढंग से बंद नहीं किया जा सके। वहीं, ईरान और पश्चिम के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने में ओमान और कतर ने कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थन किया है।
हालांकि व्हाइट हाउस ने खाड़ी सहयोगियों के साथ हुई बातचीत पर टिप्पणी से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्री मार्को रूबिया ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और उसके खाड़ी अरब सहयोगी ईरान के मुद्दे पर एकमत हैं।
Published on:
31 Mar 2026 07:19 am
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