Mexican Senate Fight: मैक्सिकन सीनेट में बुधवार को अध्यक्ष और विपक्षी नेता के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई हो गई।
Mexican Senate Fight: मैक्सिको सिटी की मैक्सिकन सीनेट में बुधवार को उस वक्त बड़ा बवाल (Mexican Senate Figh)हो गया, जब सदन के स्पीकर गेरार्डो फर्नांडीज नोरोना (Gerardo Fernandez Norona) और विपक्षी पार्टी पीआरआई (Institutional Revolutionary Party) के नेता एलेजांद्रो मोरेनो के बीच जोरदार बहस, धक्का-मुक्की और फिर हाथापाई हो गई। यह घटना उस समय हुई जब सांसद दिन का सत्र खत्म होने से पहले राष्ट्रगान गा रहे थे। अचानक एलेजांद्रो मोरेनो (Alejandro Moreno) तेज़ कदमों से नोरोना के पास पहुंचे और ज़ोर से बोले, "मुझे बोलने दीजिए।" इसके बाद उन्होंने सीनेट स्पीकर का हाथ पकड़ लिया। जवाब में नोरोना ने कहा, "मुझे मत छूओ," और फिर दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि मोरेनो नोरोना पर काफी गुस्से में हैं और एक फोटोग्राफर को भी धक्का दे रहे हैं, जो झगड़े खत्म कराने की कोशिश कर रहा था। माहौल इतना बिगड़ गया कि सदन का संचालन रुक गया और अफसरों को बीच-बचाव करना पड़ा।
सीनेट में यह टकराव उस समय बढ़ा, जब मेक्सिको में विदेशी सेनाओं की मौजूदगी पर तीखी बहस हो रही थी। नोरोना ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा था, लेकिन मोरेनो ने बहस को व्यक्तिगत बना दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
सीनेट अध्यक्ष नोरोना ने प्रेस वार्ता में कहा कि वह शुक्रवार को एक आपातकालीन सत्र बुलाएंगे और इस हिंसा के लिए मोरेनो और पीआरआई के तीन अन्य सांसदों को निष्कासित करने का प्रस्ताव पेश करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोरेनो ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। नोरोना बोले, "उसने मुझे पकड़ा, मारा और कहा कि वह मुझे मार डालेगा।"
वहीं, एलेजांद्रो मोरेनो ने पलटवार करते हुए कहा कि सीनेट अध्यक्ष ने पहले उन्हें उकसाया और हमला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोरोना सत्ता के घमंड में बोलने का मौका नहीं देते और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दबा रहे हैं।
सीनेट में उस दिन विदेशी सैन्य बलों की मौजूदगी पर बहस चल रही थी। इसी मुद्दे को लेकर माहौल गर्म हो गया और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। नोरोना ने दावा किया कि मोरेनो ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
अब सीनेट अध्यक्ष नोरोना ने शुक्रवार को एक आपातकालीन सत्र बुलाने का फैसला किया है, जिसमें मोरेनो और तीन अन्य विपक्षी सांसदों को सदन से निष्कासित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इससे मेक्सिकन राजनीति में भूचाल आ सकता है।
अब सबकी निगाहें शुक्रवार को बुलाए गए आपातकालीन सत्र पर हैं। अगर प्रस्ताव पास होता है, तो विपक्षी सांसदों को संसद से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इससे मैक्सिकन राजनीति में और तनाव बढ़ने की आशंका है।
बहरहाल मैक्सिकन सीनेट में जो कुछ हुआ, वह न केवल लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है, बल्कि यह दर्शाता है कि राजनीतिक असहमति किस हद तक पहुंच सकती है। अब देखना होगा कि राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं की क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या संसद में शांति दोबारा स्थापित हो पाएगी।