Guanajuato: मैक्सिको के गुआनाजुआतो में फुटबॉल मैच के दौरान बंदूकधारियों ने मचाया कत्लेआम, 11 लोगों की मौके पर मौत और दर्जनों घायल। दो पिकअप ट्रकों में आए हमलावरों ने खिलाड़ियों और दर्शकों पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां।
Salamanca: मैक्सिको से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां खेल का मैदान श्मशान में तब्दील हो गया। एक स्थानीय फुटबॉल मैच के दौरान अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी (Mexico Soccer Field Attack) कर दी, जिसमें अब तक 11 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है और 12 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना बताती है कि मैक्सिको (Guanajuato Homicide News) में गैंगवार और हिंसा का स्तर किस कदर बेलगाम हो चुका है। घटना उस समय हुई जब स्थानीय लोग और युवा एक फुटबॉल मैदान पर मैच का आनंद ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक कुछ गाड़ियां मैदान के पास आकर रुकीं और उनमें से निकले नकाबपोश हमलावरों ने बिना कुछ सोचे-समझे भीड़ पर राइफलों से गोलियां (Salamanca Shooting 2026) बरसानी शुरू कर दीं।
मैदान जो कुछ ही पल पहले तालियों और शोर से गूँज रहा था, वहां चीख-पुकार मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मिनटों में फरार हो गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि अभी तक किसी विशेष गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन स्थानीय पुलिस और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे ड्रग कार्टेल का हाथ हो सकता है। मैक्सिको के इस इलाके में अक्सर दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चलती रहती है, जिसमें अक्सर निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा देते हैं। पुलिस अब इस 'टारगेट किलिंग' के पीछे के असली मास्टरमाइंड की तलाश में छापेमारी कर रही है।
इस नरसंहार के बाद हर तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:
स्थानीय जनता: लोग सड़कों पर उतरकर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब सार्वजनिक स्थल, यहां तक कि खेल के मैदान भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
मैक्सिकन सरकार ने इसे एक "कायराना हरकत" करार दिया है और दोषियों को सख्त सजा देने का वादा किया है। हालांकि, जनता में सरकार की विफलता को लेकर भारी गुस्सा है।
मानवाधिकार संगठनों ने मैक्सिको में बढ़ती गन-वायलेंस पर चिंता जताई है और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
इस घटना का एक गहरा पहलू यह है कि हमला खेल के मैदान पर किया गया। फुटबॉल मैक्सिको की रग-रग में बसा है। खेल के मैदान युवाओं के लिए अपराध की दुनिया से दूर रहने का एक जरिया होते हैं। लेकिन इस तरह की हिंसा के बाद, अब माता-पिता अपने बच्चों को बाहर भेजने से डरेंगे। यह हमला सिर्फ लोगों पर नहीं, बल्कि वहां की सोशल फैब्रिक और स्पोर्ट्स कल्चर पर एक प्रहार है।
घायलों की स्थिति: अस्पतालों में भर्ती 12 घायलों में से 4 की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
घटना स्थल से पुलिस को सैकड़ों गोलियों के खोखे मिले हैं, जिनकी बैलिस्टिक रिपोर्ट के माध्यम से हमलावरों के हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
आशंका जताई जा रही है कि हमलावर पड़ोसी राज्यों की सीमा पार कर सकते हैं, इसलिए सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है।
मैक्सिको की यह घटना वैश्विक समुदाय को चेतावनी देती है कि जब तक अवैध हथियारों और ड्रग्स के नेटवर्क को जड़ से नहीं काटा जाएगा, तब तक मासूमों का खून ऐसे ही बहता रहेगा। यह सिर्फ निंदा का नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई का समय है।