
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच एकबार फिर सैन्य झड़प शुरू हो गया है। इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की साजिश रच रहा है। ईरान की इस्लामिक रीजिम के इस प्लान का पता सबसे पहले इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के हाथ लगी।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोसाद ने इस संबंध में सीआईए के साथ जानकारी साझा की है। इजरायल ने अमेरिका को चेताया है कि ईरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की विशेष योजना पर काम कर रहा है, लेकिन अभी तक अमेरिका सुरक्षा एजेंसी ने इस इनपुट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉप्स की कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ही ईरान लगातार ट्रंप की हत्या का योजना बना रहा है। हाल ही में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे के दौरान भी ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए गए थे। यही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार कह चुके हैं कि उनका नाम भी ईरान की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे अमेरिका के नेता यानी मुझे खत्म करना चाहते हैं। आज सुबह मैंने देखा कि मैं उनकी हर सूची में हूं। अब तक मैं भाग्यशाली रहा हूं, लेकिन यह हमेशा नहीं रह सकता।
कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इजरायल की तरफ से दी गई जानकारी दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह बात जगजाहिर है कि इजरायल शांति समझौते के पक्ष में नहीं है। अभी तक किसी भी अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इजरायली इनपुट पर अपनी मुहर नहीं लगाई है।
वहीं, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एकबार फिर कहा है कि इजरायल किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि देश विदेशी खरीद पर निर्भरता कम करने के लिए अपने यहां हथियारों का उत्पादन बढ़ाएगा। वायु सेना के पायलटों के ग्रेजुएशन समारोह में नेतन्याहू ने कहा कि हमारी नीति बिल्कुल साफ है। समझौता हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।