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US-Iran Conflict: ईरान में शनिवार को होगा अली खामेनेई का शोक समारोह, क्या दुनिया के सामने आएंगे मोजतबा?

Ali Khamenei mourning ceremony: शनिवार को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। ईरानी न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस समारोह की अगुवाई देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई करेंगे।
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Ayatollah Ali Khamenei Funeral Related News

ईरान के नये सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामेनेई फाइल। ( फोटो: पत्रिका)

Ali Khamenei mourning ceremony:ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को बीते दिनों सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार समारोह के आयोजन में दुनिया भर से विदेशी महमान पहुंचे थे। अब शनिवार को पूर्व सुप्रीम कमांडर की याद में शोक सभा का ओयजन किया जाएगा। ईरानी मीडिया समूह तस्मीन ने दावा किया कि इस समारोह की अगुवाई अली खामेनेई के बेटे और नए सुप्रीम कमांडर मोजतबा खामेनेई करेंगे।

सबकी निगाहें कल की शोक सभा पर

ईरानी मीडिया के इस दावे के बाद से सबकी निगाहें कल होने वाली शोक सभा पर टिक गई है। दरअसल, 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। यद्ध व शांति वार्ता के दौरान उनके हवाले से कई बातें सामने निकल कर आई। कई रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि अमेरिकी और इजरायली हमले में मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, अभी भी उनका स्वास्थ्य अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। ईरानी सुरक्षा एजेंसियां भी उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाने से हिचक रही हैं क्योंकि अमेरिका से नया हमला होने का डर अभी भी है।

हजरत मासूमा की दरगाह में शोक सभा

शोक सभा का आयोजन शनिवार को शाम व रात (मगरीब और इशा) की नमाज के बाद कुम में हजरत मासूमा की दरगाह में होगा। यह खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहला बड़ा आयोजन है। अली खामेनेई का अंतिम संस्कार गुरुवार को मशहद में इमाम रजा दरगाह में पूरा हुआ। पूरे हफ्ते ईरान और इराक में बड़े-बड़े जुलूस निकाले गए। लाखों लोग शामिल हुए।

37 साल तक अली खामेनेई रहे सुप्रीम कमांडर

खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे। उन्होंने 37 साल तक देश को संभाला। उनके शासन में ईरान ने क्षेत्रीय ताकत बनने की कोशिश की लेकिन अमेरिका और इजरायल से लंबा संघर्ष भी चला। उनकी मौत के बाद ईरान में नया नेतृत्व चुनने की प्रक्रिया चल रही है। देश में आर्थिक समस्याओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण पहले भी बड़े प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें दबाया गया। यह शोक समारोह ईरान के लिए संवेदनशील समय में हो रहा है। मोजतबा की पहली सार्वजनिक उपस्थिति न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया की नजर में होगी।