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रहस्यमयी ‘मेहमान’ का पीछा कर रहा नासा का यान हमेशा के लिए खामोश, नहीं हो सका दोबारा संपर्क

MAVEN spacecraft: नासा ने पुष्टि की है कि मंगल की कक्षा में 2014 से काम कर रहा मैवेन अंतरिक्ष यान अब हमेशा के लिए निष्क्रिय हो गया है, जिसका अंतिम संपर्क दिसंबर में टूट गया था।
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Updated: 5 Jun 2026, 4:26 AM IST
NASA ends decade-long Mars mission.
मंगल परिक्रमा करता मैवेन यान से नासा का संपर्क टूटा। (Photo - IANS)

Mars mission: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि मंगल ग्रह की परिक्रमा कर रहा उसका मैवेन अंतरिक्ष यान अब हमेशा के लिए खामोश हो चुका है। छह महीने की जांच के बाद भी यान को रिकवर नहीं किया जा सकता। उससे आखिरी बार 6 दिसंबर को संपर्क हुआ था। मंगल के पीछे से गुजरते हुए उसका सिग्नल अचानक गायब हो गया और वह असामान्य रूप से तेजी से घूमने लगा। मैवेन 2014 से मंगल की कक्षा में काम कर रहा था। निष्क्रिय होने से पहले मैवेन ने एक रहस्यमय चीज 3आई/एटलस का अवलोकन कर रहा था। यह वस्तु किसी दूसरे तारकीय तंत्र से हमारे सौरमंडल में आई मानी जाती है। नासा ने इसे एक धूमकेतु घोषित किया है।

अक्टूबर में ली तस्वीरें, दिसंबर में संपर्क टूटा

अक्टूबर में मैवेन ने 3आई/एटलस की तस्वीरें ली थीं। उस समय यान और इस वस्तु के बीच लगभग 1.8 करोड़ मील की दूरी थी। जो तस्वीरें आईं वे धुंधली और कम गुणवत्ता वाली थीं। जब दिसंबर में मैवेन का संपर्क टूटा, तब कुछ लोगों ने यह दावा करना शुरू कर दिया कि इसकी खराबी और 3आई/एटलस के बीच कोई संबंध हो सकता है। हालांकि नासा को अब तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है।

मंगल पर उतरे रोवरों को भेजता था सिग्नल

मैवेन का काम मंगल के वायुमंडल का अध्ययन करना और यह समझना था कि समय के साथ ग्रह ने अपना अधिकांश वातावरण कैसे खो दिया। इसके अलावा यह मंगल की सतह पर काम कर रहे रोवरों के लिए संचार रिले का भी काम करता था। हालांकि, दिसंबर में आई इस तकनीकी समस्या ने उसके मिशन का अंत कर दिया।

नासा ने अब इस मिशन को आधिकारिक रूप से समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके सभी वैज्ञानिक आंकड़ों को भविष्य के शोध और अंतरिक्ष अध्ययन के लिए सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जा रहा है।

नासा मुख्यालय, वॉशिंगटन में प्लैनेटरी साइंस डिवीजन की निदेशक लुईस प्रॉक्टर ने कहा, “मेवेन मिशन से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी यह समझने में बेहद महत्वपूर्ण रही है कि मंगल पर मानव मिशन भेजने से पहले किस प्रकार की विकिरण सुरक्षा और अन्य सुरक्षात्मक उपायों की आवश्यकता होगी।”

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5 Jun 2026, 4:26 AM IST
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