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Nepal elections: नेपाल में अब ‘जेन-z’ का राज, भारत विरोधी बयान देने वाले ओली हारे, बालेन का इंडिया कनेक्शन

Nepal elections: बालेन शाह की आंधी में नेपाल की पुरानी पार्टियां धराशायी हो गई हैं। इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को भारी जीत मिली है। पढ़ें पूरी खबर...

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Mar 07, 2026
बालेन शाह ने दर्ज की जीत (फोटो-IANS)

Nepal elections: हिमालयी राष्ट्र नेपाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। दशकों तक देश की सत्ता पर काबिज रहने वाले पुराने 'शेरों' केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के किले 35 वर्षीय युवा रैपर-इंजीनियर ने ढहा दिए हैं। शुक्रवार को आए शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह (बालेन) की आंधी साफ दिखाई दे रही है। रुझानों के अनुसार, बालेन की पार्टी 110 सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरी है।

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'जेन-z' विद्रोह का नतीजों पर दिखा असर

यह बदलाव पिछले साल सितंबर में हुए उस ऐतिहासिक 'युवा विद्रोह' की परिणति है, जिसमें 77 लोगों की जान गई थी और तत्कालीन पीएम ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। तब बालेन ने सोशल मीडिया पर लिखा था, 'प्रिय जेन जेड, तुम्हारे हत्यारे का इस्तीफा आ गया है। अब तुम्हारी पीढ़ी को नेतृत्व करना होगा।' हैरानी नहीं कि आज नेपाल का युवा वर्ग बालेन के साथ खड़ा दिख रहा है। काठमांडू की सड़कों पर चलने वाली बसों पर अब 'बालेन के शहर की ओर' जैसे स्टिकर लगे देखे जा सकते हैं, जो उनकी अभूतपूर्व लोकप्रियता का प्रमाण हैं।

नेपाल चुनाव 2026: पार्टी-वार रुझान और परिणाम
राजनीतिक दल सीटें/रुझान स्थिति
राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) 110 सबसे बड़ी पार्टी (भारी बहुमत की ओर)
नेपाली कांग्रेस 11 दूसरे स्थान पर
सीपीएन-यूएमएल 10 तीसरे स्थान पर
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 08 तीसरे स्थान पर
अन्य 09
दहल जीते, ओली की हार तय

रुकुम सीट से चुनाव जीते पुष्प कमल दहल प्रचंड

पूर्व प्रधानमंत्री और माओवादी सेंटर के समन्वयक पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने पूर्वी रुकुम सीट से अपनी लगातार पांचवीं जीत दर्ज की है। प्रचंड 10240 वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 6778 वोटों से आगे चल रहे थे। हालांकि, उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ गई है। दूसरी ओर, केपी शर्मा ओली अपनी सीट पर बालेन शाह से 10,000 से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं, जो उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी हार मानी जा रही है।

बालेन ने कर्नाटक से किया है एमटेक

बालेन शाह केवल एक संगीतकार नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित स्ट्रक्चरल इंजीनियर भी हैं। उन्होंने भारत के कर्नाटक से एम.टेक किया है। काठमांडू के मेयर के रूप में कचरा प्रबंधन और पारदर्शी शासन के उनके मॉडल ने उन्हें पूरे देश में 'विकास पुरुष' के रूप में स्थापित कर दिया। हालांकि, वे अपने कड़े रुख के लिए विवादों में भी रहे हैं, जिसमें 'सिंह दरबार' को आग लगाने की धमकी और विदेशी ताकतों के खिलाफ तीखे सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं।

बालेन शाह अब तक क्या करते रहे हैं, कैसे होती है कमाई

बालेन शाह पीएम पद के लिए उम्मीदवार से पहले काठमांडू महानगर पालिका के मेयर रह चुके हैं। इनकी कमाई के मुख्य सोर्स की बात करें तो सबसे बड़ा हिस्सा उनके इंजीनियरिंग कारोबार से आता है। वे बालेन कंसल्टिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ने से पहले मेयर पद पर रहते हुए उन्हें 46,000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता था। वहीं इनकी संगीत (रैप) से भी कमाई होती है। उन्होंने कई टीवी शो, रैप बैटल और म्यूजिक वीडियो में काम किया है। रैप, गीत लेखन, संगीत निर्माण और स्टेज परफॉर्मेंस उनके लिए अतिरिक्त आय के सोर्स हैं। अपने रैप सान्ग में वे प्रायः सत्ताधारी लोगों को निशाना बनाते रहे हैं।

सादगी भरा जीवन, प्रेस से दूरी

बालेन शाह के लाइफस्टाइल की बात करें तो वे काफी साधारण तरीके से जीवन जीते हैं। हालांकि वे अपनी संपत्ति या आय को लेकर कभी खुलकर ज्यादा बात नहीं करते हैं। उन्होंने पारंपरिक प्रेस-मीडिया से दूरी बनाकर सीधे सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संवाद किया है।

टाइम मैग्जीन में मिली थी जगह

साल 2023 में बालेन शाह को टाइम मैग्जीन ने 100 उभरते नेताओं की लिस्ट में रखा गया था। बालेन शाह का पूरा नाम बालेन्द्र शाह है। उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में हुआ था। बालेन ने मास्टर्स कर्नाटक के विश्वस्वरैया टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में किया है।

बालेन के मुख्य वादे

  1. रोजगार: 5 साल में 12 लाख नई नौकरियां पैदा करना ताकि युवाओं का विदेश पलायन रुके।
  2. आर्थिक लक्ष्य: नेपाल की प्रति व्यक्ति आय को 1,447 डॉलर से बढ़ाकर 3,000 डॉलर करना।
  3. जीडीपी: देश की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर के पार ले जाना।
  4. कड़ा रुख: भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' और प्रशासनिक व्यवस्था का पूर्ण ओवरहॉल।
Updated on:
07 Mar 2026 06:54 am
Published on:
07 Mar 2026 06:49 am
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