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Nepal Flood: 4 दिन बाद भी सुरंग में रेस्क्यू जारी, 180 मीटर अंदर फंसे 350 मजदूरों को निकालने के लिए सरकार की नई तैयारी

Nepal Flood News: नेपाल में बाढ़ के बाद हालत भीषण है। 4 दिन बाद भी सुरंग में रेस्क्यू जारी है। इस बीच, 180 मीटर अंदर फंसे 350 मजदूरों को निकालने के लिए सरकार ने नया प्लान बनाया है।
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Aug 30, 2026
Nepal Flood Latest Update
नेपाल में रेस्क्यू जारी। (फोटो- X/NepalPMO)

Nepal Flood Updates: नेपाल में हिमालय की घाटियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। पानी का तेज बहाव और मलबा रास्ता रोक रहा है, लेकिन सेना हेलीकॉप्टर से भारी मशीनें पहुंचा रही है। चार दिन पहले आई भीषण बाढ़ ने सुरंगों में सैकड़ों मजदूरों को फंसा दिया है। अब उन्हें निकालने के लिए हर तरह की कोशिश जारी है।

रविवार को रेस्क्यू टीम एक सुरंग के प्रवेश द्वार तक पहुंच गई। मलबा साफ करने का काम शुरू हो गया। रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि अंदर जाने के बाद ऑक्सीजन और कैमरे लेकर मजदूरों की हालत देखी जाएगी।

अब सामने आएगी सुरंग के अंदर की तस्वीर

अधिकारी ने बताया कि अब पहली बार सुरंग के अंदर की तस्वीरें बाहर आ सकती हैं। एक सुरंग से रविवार को दो मजदूर बाहर निकाले गए। दोनों की हालत देखकर अंदाजा लगता है कि अंदर कितनी मुश्किलें हैं। उनके शरीर पर कीचड़ चिपका हुआ था।

ऊपरी त्रिशूली प्रोजेक्ट पर फोकस

सबसे बड़ा प्रयास ऊपरी त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर चल रहा है। शुक्रवार को खबर आई थी कि यहां करीब 350 लोग सुरंग में फंसे हो सकते हैं। स्थानीय गांव वालों से मिली जानकारी के आधार पर एक सुरंग में 35 से 40 लोग फंसे होने का अनुमान है।

मुख्य काम करने वाली जगह सुरंग के अंदर करीब 180 मीटर दूर है। वहां पहुंचने पर असली तस्वीर साफ होगी। नेपाल की करीब 10 हजार सेना की टुकड़ी सुरंग रेस्क्यू में जुटी है। चीन और भारत ने भी अपने विशेषज्ञ भेजे हैं। दोनों देशों ने विशेष सुरंग रेस्क्यू टीमें हवाई जहाज से भेजीं।

बाढ़ का कहर

इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया, जिसमें देखा गया कि हेलीकॉप्टर मशीनरी ले जा रहा है। रात भर काम चला। पिछले रात भी बाढ़ आई, लेकिन रेस्क्यू नहीं रुका।

बुधवार को चीन-नेपाल सीमा पर पहाड़ से बर्फ, पत्थर और मलबे का सैलाब आया। इससे 780 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। तीन हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो गया। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पानी में डूब गए। पांच जगहों पर रेस्क्यू चल रहा है।

नेपाल सरकार के सामने अब क्या चुनौती?

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख धर्मराज उपरेती ने बताया कि मलबा बहुत ज्यादा है। विस्फोट करके रास्ता नहीं बनाया जा सकता। पानी का स्तर भी बढ़ रहा है। नुवाकोट और रसुवा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। त्रिशूली नदी पर बने प्रोजेक्ट आपस में जुड़े हुए हैं। रेस्क्यू टीम रात-दिन काम कर रही है।

Updated on:
30 Aug 2026 08:38 pm
Published on:
30 Aug 2026 08:36 pm