
नेपाल बाढ़ त्रासदी अपडेट (इमेज सोर्स: ani)
Nepal Flood Disaster Update: नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। कई इलाकों में पानी और मलबे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हजारों लोग अब भी लापता हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। भारत ने राहत सामग्री के साथ फोरेंसिक टीम भी नेपाल भेजी है। यह टीम बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान करने में मदद करेगी। इसके लिए DNA सैंपल की जांच की जाएगी।
नेपाल पुलिस के अनुसार, रविवार शाम तक बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में 794 लोगों की मौत हो चुकी थी। चितवन सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में रहा। यहां 264 मौतें दर्ज की गईं। नवलपरासी पूर्व में 197 और नवलपरासी पश्चिम में 120 लोगों की मौत हुई। गोरखा में 61, नुवाकोट में 52 और धाडिंग में 50 मौतें दर्ज की गईं। तनहुन में 37 और रसुवा में 13 लोगों की जान गई। हालांकि, यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 2,502 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान कई प्रभावित इलाकों में जारी है। करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। अब तक ग्राउंड टीमों ने 8,730 लोगों को बचाया है। हेलीकॉप्टरों से भी बड़े पैमाने पर रेस्क्यू किया गया है।
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भी लगातार अभियान चलाया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। MEA ने बचाए गए भारतीय नागरिकों की सूची भी जारी की है। नेपाल में राहत कार्य के लिए भारत लगातार सहायता पहुंचा रहा है। राहत सामग्री के अलावा अब फोरेंसिक मदद भी दी जा रही है। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल में तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम से मुलाकात की। टीम नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगी। इसका मकसद उन शवों की पहचान करना है, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है। नेपाल ने अज्ञात शवों की पहचान के लिए फोरेंसिक जांच और तेज DNA विश्लेषण में मदद मांगी है। भारत ने इस दिशा में अपनी टीम भेजी है।
टीम पीड़ितों के DNA सैंपल का विश्लेषण करेगी। इससे परिवारों को अपने लापता परिजनों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। नेपाल सरकार ने भी अज्ञात शवों के प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की है। अंतिम संस्कार से पहले DNA सैंपल लेने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर दिया जा रहा है। इस बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारत ने साफ किया है कि वह नेपाल के साथ मिलकर इस कठिन समय में मदद जारी रखेगा।
Updated on:
30 Aug 2026 08:50 pm
Published on:
30 Aug 2026 08:50 pm
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