नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Balendra Shah) ने अपनी संपत्ति का खुलासा किया है। इसके अनुसार उनके पास करीब 1.46 करोड़ बैंक बैलेंस और उनकी पत्नी के पास भारी मात्रा में सोना-चांदी है।
नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद पारदर्शिता और गुड गवर्नेंस पर जोर देखा जा रहा है। सरकारी नियमों के अनुसार मंत्रियों को अपनी संपत्ति का विवरण संबंधित निकायों को देना होता है। इसी कड़ी में नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भी हाल ही में अपनी संपत्ति का खुलासा किया है। इसके अनुसार उनके बैंक खातों में 1.46 करोड़ रुपये बताए गए है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में सामने आई है, जिसमें उनकी आय और संपत्ति के विभिन्न स्रोतों का भी उल्लेख किया गया है।
नेपाल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2002 के तहत उच्च पदस्थ अधिकारियों और मंत्रियों को पद संभालने के 60 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण जमा करना अनिवार्य है। हालांकि इन विवरणों को सार्वजनिक करना कानूनी रूप से जरूरी नहीं है, फिर भी पारदर्शिता के सिद्धांतों के तहत इसे सार्वजनिक करने की परंपरा बनी हुई है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह द्वारा दी गई जानकारी इसी परंपरा का हिस्सा मानी जा रही है, जो जनता के बीच भरोसा बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री द्वारा जारी विवरण के अनुसार उनकी आय के स्रोतों में फेसबुक, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यह दिखाता है कि आधुनिक दौर में सोशल मीडिया भी आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। बालेंद्र शाह के साथ-साथ उनके परिवार की संपत्ति का भी खुलासा किया गया है, जिसमें उनकी मां के नाम काठमांडू में लगभग 5 आना जमीन और धनुषा जिले में 1.2 बिघा जमीन दर्ज है। वहीं उनके पिता के पास महोत्तरी जिले में बड़ी मात्रा 9 बिघा भूमि है। उनकी पत्नी के पास सोना और चांदी समेत करीब 190 तोला कीमती धातुएं है।
प्रधानमंत्री के साथ-साथ अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने भी अपनी संपत्ति का खुलासा किया है, जिससे सरकार की पारदर्शिता को लेकर प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। नेपाल में 1990 के बाद से लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह परंपरा जारी रही है कि प्रधानमंत्री और मंत्री अपनी संपत्ति का सार्वजनिक विवरण देते हैं। हालांकि कुछ सरकारों ने अतीत में इसका पालन नहीं किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है। यह कदम राजनीतिक स्तर पर एक सकारात्मक संदेश देता है और जनता के बीच जवाबदेही को मजबूत करता है।