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डेथ जोन में फंसने के बाद भी नहीं मानी हार, 6 दिन बाद जिंदा लौटा एवरेस्ट पर लापता हुआ नेपाली पर्वतारोही

माउंट एवरेस्ट पर छह दिन तक लापता रहने के बाद एक नेपाली गाइड हिलारी दावा जिंदा लौट गए है। डेथ जोन में फंसने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खुद बेस कैंप तक पहुंच गए।
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Jun 04, 2026
Sherpa guide missing on Everest found alive
एवरेस्ट पर लापता शेरपा गाइड जीवित मिला (फोटो- The Kathmandu Post एक्स पोस्ट)

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर एक नेपाली क्लाइंबिंग गाइड के जिंदा मिलने की खबर ने पूरे पर्वतारोहण समुदाय को हैरान कर दिया है। अनुभवी गाइड हिलारी दावा शेरपा 30 मई से लापता थे और खराब मौसम तथा कठिन परिस्थितियों के कारण उन्हें मृत मान लिया गया था। लेकिन गुरुवार सुबह वह बेस कैंप के पास रेंगते हुए जीवित मिले। सगरमाथा पोल्यूशन कंट्रोल कमेटी (SPCC) की टीम ने उन्हें खोजा, जिसके बाद तत्काल हेलीकॉप्टर से काठमांडू अस्पताल भेजने की तैयारी शुरू की गई। इस घटना को एवरेस्ट इतिहास के सबसे दुर्लभ बचाव चमत्कारों में गिना जा रहा है।

एवरेस्ट डेथ जोन में फंसे थे शेरपा

हिलारी दावा शेरपा 29 मई को ब्रिटिश पर्वतारोही क्रिस थ्राल के साथ एवरेस्ट शिखर तक पहुंचे थे। दोनों ने लगभग शाम पांच बजे 8849 मीटर ऊंची चोटी पर सफलता हासिल की। वापसी के दौरान कैंप फोर के नीचे, जहां ऑक्सीजन बेहद कम होती है और इलाके को डेथ जोन कहा जाता है, शेरपा अचानक रुक गए। क्रिस थ्राल के अनुसार शेरपा ने उन्हें आगे बढ़ने को कहा था। पर्वतारोहण के दौरान गाइड अक्सर भारी सामान ढोते हैं और थोड़ी देर आराम करना सामान्य माना जाता है। इसी वजह से शुरुआत में स्थिति को गंभीर नहीं समझा गया।

पांच दिन का अभियान 11 दिन तक खिंचा

क्रिस थ्राल ने बताया कि नीचे उतरते समय उन्हें एक पोलिश पर्वतारोही मिला, जिसकी सप्लीमेंट्री ऑक्सीजन खत्म हो चुकी थी और उसके हाथों में फ्रॉस्टबाइट के लक्षण दिखाई दे रहे थे। उन्होंने अपना ऑक्सीजन सिलेंडर साझा करते हुए उस पर्वतारोही को बचाने का फैसला किया। सामान्य रूप से दो घंटे में पूरा होने वाला रास्ता खराब मौसम और थकान के कारण 11 घंटे में तय हुआ। थ्राल ने कहा कि इस सीजन में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे और पांच दिन का अभियान 11 दिन तक खिंच गया। इसी बीच शेरपा से संपर्क टूट गया और खोज अभियान शुरू किया गया, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई पता नहीं चला।

सबसे व्यस्त एवरेस्ट सीजन

गुरुवार सुबह हिलारी दावा शेरपा बेस कैंप के नजदीक जीवित मिले। अधिकारियों के अनुसार वह खुद नीचे तक पहुंचने की कोशिश करते हुए रेंग रहे थे। इस सीजन में एवरेस्ट पर एक हजार से अधिक पर्वतारोहियों ने शिखर फतह किया, जिससे यह अब तक का सबसे व्यस्त सीजन बन गया। हालांकि इस दौरान पांच लोगों की मौत भी दर्ज की गई, जिनमें दो भारतीय और तीन नेपाली पर्वतारोही शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक भीड, बदलता मौसम और लंबे समय तक ऊंचाई पर रहने का दबाव पर्वतारोहियों के लिए लगातार खतरनाक साबित हो रहा है।

Updated on:
04 Jun 2026 12:13 pm
Published on:
04 Jun 2026 12:13 pm