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नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ, विदेश में आखिरी कानूनी लड़ाई भी हारा

Nirav Modi Extradition: नीरव मोदी विदेश में अपनी आखिरी कानूनी लड़ाई हार गया है। इससे उसके भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है।
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Jul 06, 2026
Nirav Modi
नीरव मोदी (File Photo)

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ऋण घोटाले का आरोपी नीरव मोदी (Nirav Modi) जिसे भारत सरकार (Indian Government) द्वारा भगोड़ा घोषित कर दिया गया है, के प्रत्यर्पण का रास्ता अब साफ हो गया है। करीब 13,000 करोड़ रुपए के घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) में अपनी आखिरी कानूनी लड़ाई हार गया है।

याचिका हुई खारिज

यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय ने नीरव की याचिका को खारिज कर दिया है। अब उसके पास भारत प्रत्यर्पण रोकने का कानूनी विकल्प नहीं बचा है। जानकारी के अनुसार याचिका खारिज होने के बाद ब्रिटेन सरकार ने उसे भारत को सौंपने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2021 में ब्रिटिश सरकार ने नीरव के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था, जिसके बाद उसने कई ब्रिटिश अदालतों में कई याचिकाएं दायर कीं। 2022 में ब्रिटिश हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी और सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई से इनकार कर दिया। मार्च 2026 में उसने हाईकोर्ट में मामला दोबारा खोलने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ब्रिटेन में सभी क़ानूनी विकल्प खत्म होने के बाद उसने यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहाँ से भी राहत नहीं मिली।

इस समय लंदन की जेल में है बंद नीरव

नीरव मार्च 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं। सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) के अनुसार 2018 में उसने और उसके सहयोगियों ने बिना पर्याप्त गारंटी के लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग जारी करवाए, जिससे पंजाब नेशनल बैंक को भारी नुकसान हुआ। घोटाले का राज़ खुलते ही नीरव भारत छोड़कर भाग गया। 2019 में उसे ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया और तभी से उसे भारत लाने की कवायद शुरू हो गई। हालांकि नीरव इसके खिलाफ है क्योंकि उसका मानना है कि भारतीय जेलों में उसे प्रताड़ित किया जा सकता है। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने उसे जेल की परिस्थितियों और उसके प्रति व्यवहार को लेकर आश्वासन दिया है कि उसे किसी प्रताड़ना का सामने नहीं करना पड़ेगा।

प्रत्यर्पण की अंतिम प्रक्रिया हुई तेज़

भारतीय सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम पहले से लंदन में हैं और नीरव के प्रत्यर्पण की अंतिम प्रक्रिया तेज़ हो गई है, जिससे उसे जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। भारत लाने के बाद नीरव को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है और सीबीआई के साथ-साथ ईडी की क़ानूनू कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा। हालांकि ब्रिटेन को आश्वासन दिया गया है कि जेल में नीरव मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

Updated on:
06 Jul 2026 11:48 pm
Published on:
06 Jul 2026 11:44 pm