
NRI Authors in Literature Festival: विदेश में अपनी धरती का नाम रोशन कर रहे कई प्रवासी भारतीय लेखक (NRI Authors) और कलाकार अपने वतन भारत में अपने फन का लोहा मनवाएंगे। इंदौर में 14 से 16 नवंबर 2025 तक होने जा रहे इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल (ILF) में इस बार विशेष रूप से प्रवासी भारतीय लेखकों और कलाकारों का प्रमुख योगदान रहेगा। यह महोत्सव (Indore Literature Festival) साहित्य, कला और संस्कृति के प्रेमियों के लिए एक शानदार मंच प्रदान करेगा, जहां देश-विदेश से साहित्यकार, कलाकार और विचारक एक मंच पर जुटेंगे। प्रवासी भारतीय लेखिका ऋतु नंनन पाण्डे ने नीदरलैंड से सीधे पत्रिका से बातचीत में बताया कि इस बार के इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल (Cultural Festival India) में प्रवासी भारतीय लेखकों का अहम हिस्सा रहेगा, जो अपनी विशेष प्रतिभा से इस आयोजन को एक नया आयाम देंगे। लंदन, जापान, नीदरलैंड और वर्जीनिया से आए लेखक(International Writers in India) अपने अनुभव और लेखनी से भारतीय साहित्य के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण को साझा करेंगे। ऋतु नंनन पाण्डे ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले साहित्यकारों (Indian Literature 2025) में उनके अलावा लंदन से दिव्या माथुर,जापान से रमा पूर्णिमा शर्मा और वर्जीनिया से मंजू श्रीवास्तव मन जैसे नाम शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में प्रख्यात भारतीय और अंतरराष्ट्रीय साहित्यकारों व कलाकारों के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय कला और साहित्य का भी समागम होगा। इस महोत्सव में कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री, इंडी-पॉप गायक राहगीर, कवि और लेखक अभि मुंडे, और वेब सिरीज़ लेखक दुर्गेश सिंह जैसे कई प्रतिष्ठित नाम शामिल होंगे। इसके अलावा, प्रसिद्ध थिंक टैंक और राजनीति से जुड़े विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदीप भंडारी, और विजय मनोहर तिवारी भी इस महोत्सव में भाग लेंगे।
ऋतु नंनन पाण्डे ने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस साहित्य महोत्सव में बौद्धिक चर्चा, लेखक-कलाकार सत्र, टॉक शो, पैनल डिस्कशन, कविता-कहानी पाठ, और लेखन कार्यशालाओं के माध्यम से साहित्य और कला के प्रति प्रेम को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इस महोत्सव में ऑपन माइक सत्र, बुक लॉन्च और कविता स्पर्धा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जहां प्रतिभागी अपनी रचनाओं को पेश कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल में प्रवासी भारतीय लेखकों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी अंतर्राष्ट्रीय बना दिया है। प्रवासी भारतीय लेखक अपने अनुभव, अपनी कहानियाँ और विचार साझा करेंगे, जो भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे। फेस्टिवल में साहित्यिक चर्चाएं, संगीत और कला कार्यक्रम और विशेष पैनल सत्र होंगे, जो दर्शकों को प्रेरित करेंगे।
ऋतु नंनन पाण्डे ने बताया कि फेस्टिवल का आयोजन डेली कॉलेज के ऐतिहासिक और सुरम्य परिसर में किया जाएगा। इस आयोजन में ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, और फिक्की फ्लो जैसी प्रमुख संस्थाएं सह आयोजक के रूप में शामिल हैं। इस भव्य साहित्यिक उत्सव में साहित्य, कला और संस्कृति के हर पहलू को मनाया जाएगा, जो इंदौर की समृद्ध विरासत को उजागर करेगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शर्मिष्ठा प्रणब मुखर्जी, आशुतोष अग्निहोत्री, प्रखर श्रीवास्तव, विवेक चतुर्वेदी, और अम्बी परमेश्वरन जैसे प्रख्यात साहित्यकार इस फेस्टिवल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और भारतीय साहित्य के प्रति अपने योगदान को साझा करेंगे। इसके अलावा, कविता पाठ, कहानियां और गजल जैसे कार्यक्रम भी होंगे, जो भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा जीवित रखेंगे।
ऋतु नंनन पाण्डे ने बताया कि साहित्य प्रेमियों के लिए यह एक शानदार मौका है, क्योंकि इस आयोजन में निशुल्क प्रवेश रखा गया है। दर्शक अपने पसंदीदा लेखकों और कलाकारों से मिल सकते हैं, उनके ऑटोग्राफ और उनके साथ सेल्फी भी ले सकते हैं।