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ओमान बना भारत का टॉप एलएनजी सप्लायर, अमेरिका को छोड़ा पीछे

India's Top LNG Supplier: भारत को एलएनजी सप्लाई करने के मामले में ओमान ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।
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Oct 05, 2026
LNG
एलएनजी (Photo - ANI)

भारत (India) को एलएनजी यानी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG aka Liquefied Natural Gas) सप्लाई करने के मामले में ओमान (Oman) ने अमेरिका (United States of America) को भी पीछे छोड़ दिया है। सितंबर 2026 में ओमान, भारत का टॉप एलएनजी सप्लायर बन गया है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म कपलर के आंकड़ों के अनुसार भारत ने सितंबर में ओमान से 5,85,000 टन एलएनजी का आयात किया, जो अगस्त की तुलना में 11.6% ज़्यादा है। इससे ओमान को कुल आयात में 27% हिस्सेदारी मिली।

दूसरे स्थान पर रहा नाइजीरिया

अगस्त में अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर था और उसने करीब 8,48,000 टन एलएनजी भारत भेजी थी। लेकिन सितंबर में अमेरिकी निर्यात 59% गिरकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया। अमेरिका का हिस्सा कुल आयात का सिर्फ 16% रह गया। इस मामले में नाइजीरिया (Nigeria) दूसरे स्थान पर रहा, जिसने 3,51,000 टन एलएनजी की सप्लाई की। हालांकि अगस्त की तुलना में यह 35% कम थी।

कतर भी पिछड़ा

भारत को यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात (UAE aka United Arab Emirates) ने 3,11,000 टन और अंगोला ने 2,05,000 टन एलएनजी सप्लाई की। कतर (Qatar), जो कभी भारत का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर था और जिसका हिस्सा लगभग 45% था, अब छठे स्थान पर आ गया। उसने पिछले महीने भारत को सिर्फ 94,000 टन एलएनजी भेजी और उसका हिस्सा घटकर 4.3% रह गया। कतर की सप्लाई में गिरावट मार्च में ईरान द्वारा रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमले के बाद शुरू हुई, जो देश का प्रमुख एलएनजी उत्पादन केंद्र है। इससे कतर में एलएनजी का उत्पादन भी प्रभावित हुआ।

एलएनजी की अहम भूमिका

भारत का कुल एलएनजी आयात अगस्त के 2.5 मिलियन टन से 14% घटकर सितंबर में 2.17 मिलियन टन रह गया। खाद बनाने, औद्योगिक हीटिंग, बिजली उत्पादन और शहरी परिवहन में एलएनजी अहम भूमिका निभाती है। भारत अपनी एलएनजी ज़रूरतों का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है, जिसमें पश्चिमी एशियाई सप्लायर्स से आने वाली लगभग 60% एलएनजी शिपमेंट होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से होकर गुज़रती हैं।

भारत का एलएनजी आयात घटा

भारत का कुल एलएनजी आयात अगस्त के 2.5 मिलियन टन से 14% घटकर सितंबर में 2.17 मिलियन टन रह गया। साथ ही सरकार ने भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करने के लिए एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल जैसे अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा हासिल करने की कोशिशें बढ़ाई हैं। इसके तहत कनाडा, अल्जीरिया, अमेरिका, मोज़ाम्बिक और ब्राज़ील जैसे नए एलएनजी उत्पादक देशों से भी सप्लाई बढ़ाने पर काम चल रहा है।

Updated on:
05 Oct 2026 04:53 pm
Published on:
05 Oct 2026 04:34 pm