Casualty: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब समंदर में भी दिखने लगा है। ओमान के पास तेल टैंकर 'एमकेडी व्योम' पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया है।
Explosion : मध्य पूर्व में भड़की युद्ध की आग अब समंदर के रास्तों को भी अपनी चपेट में ले रही है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ओमान के तट के करीब एक बड़े तेल टैंकर पर हमला हुआ (Oman Oil Tanker Attack) है। इस खौफनाक हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई (Indian Sailor Death)। यह घटना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरी है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस कॉमर्शियल ऑइल टैंकर का नाम 'एमकेडी व्योम' (MKD Vyom Drone Strike) है। जानकारी के मुताबिक, यह जहाज मस्कट गवर्नरेट (Port Sultan Qaboos ) के तट से लगभग 52 नॉटिकल मील की दूरी पर था, जब एक मानव रहित नाव (Drone Boat) ने इसे अपना निशाना बनाया। जिस वक्त यह हमला हुआ, टैंकर में करीब 59,463 मीट्रिक टन कच्चा माल लदा हुआ था। ड्रोन के टकराते ही जहाज के मुख्य इंजन रूम में जोरदार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई। इसी धमाके की चपेट में आने से एक भारतीय क्रू मेंबर की दर्दनाक मौत हो गई।
राहत की बात यह रही कि हमले के तुरंत बाद रैस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। जहाज पर कुल 21 क्रू मेंबर मौजूद थे, जिनमें 16 भारतीय, चार बांग्लादेशी और एक यूक्रेन का नागरिक शामिल था। पनामा के झंडे वाले एक अन्य व्यापारिक जहाज 'एमवी सैंड' (MV SAND) ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस हमले ने पूरी दुनिया की शिपिंग इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है। समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इस हमले की निंदा की है। खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों और नाविकों के परिवारों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
फिलहाल, ओमान की रॉयल नेवी ने घटनास्थल की घेराबंदी कर ली है और क्षतिग्रस्त टैंकर 'एमकेडी व्योम' की निगरानी कर रही है। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने उस इलाके से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए हाई अलर्ट और चेतावनी जारी कर दी है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तेल का रिसाव न हो और बाकी समुद्री यातायात सुरक्षित रहे।
यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान पर हमले किए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इसके जवाब में ईरान उन समुद्री रास्तों और देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं। खबर है कि इधर कुवैत में भी अमेरिका के तीन फाइटर जैट गिरे। इस 'शैडो वॉर' के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन के बाधित होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है।