
Operation Dawn of Yemen: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। ऑपरेशन 'डॉन ऑफ यमन' के तहत यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) की सशस्त्र सेनाओं ने हूती ठिकानों पर 2,103 सटीक हमले करने का दावा किया है। इन हमलों में 1,860 हूती लड़ाकों को मार गिराया गया है, जबकि सैकड़ों सैन्य उपकरण, हथियार और विद्रोहियों के ठिकाने पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए हैं।
इस अभियान के दौरान यमनी सरकारी बलों को जमीनी स्तर पर एक बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। यमनी सेना ने कहा है कि उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कहबूब पहाड़ों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है, ये पहाड़ बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित हैं, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके अलावा, सेना पश्चिमी ताइज के पहाड़ी इलाके में तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे विद्रोहियों की गतिविधियों और आपूर्ति लाइनों में भारी बाधा आ रही है।
सऊदी अरब पर हालिया हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी पूरे यमन में एक सैन्य अभियान शुरू किया है। गठबंधन के अधिकारियों का कहना है कि सटीक हवाई हमलों में हूती के प्रमुख सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है। इनमें बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण सुविधाएं, भूमिगत हथियार डिपो और गोला-बारूद के गोदाम शामिल हैं।
प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हूती विद्रोहियों के मोर्चों, किलेबंदी और सैन्य अड्डों को खत्म करने के लिए यह अभियान बहुत व्यवस्थित तरीके से चलाया गया।
वहीं, प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. रशाद अल-अलीमी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' तब तक नहीं रुकेगा जब तक इसके लक्ष्य पूरी तरह से हासिल नहीं हो जाते। नेशनल अलायंस ऑफ पॉलिटिकल पार्टीज एंड कंपोनेंट्स के नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति अल-अलीमी ने कहा कि राजधानी सना को हूती नियंत्रण से मुक्त कराने और पूरे देश में संवैधानिक अधिकार बहाल करने का संकल्प अटूट है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इसके सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।