
Operation Sindhu evacuation from Iran: इजराइल और ईरान (Israel-Iran war) में चल रही जंग के बीच भारत की सरकार ने हाल ही में ऑपरेशन सिंधु (Operation Sindhu)की शुरुआत की है, जिसके तहत ईरान (India evacuation Iran) में फंसे भारतीयों मुख्यतः छात्रों, प्रोफेशनल्स और श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने का काम चल रहा है । विदेश मंत्रालय के अनुसार ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से अब तक 827 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया (Indians rescued from Iran) है।उन्होंने बताया, ‘‘ऑपरेशन सिंधु जारी है, ईरान से भारतीयों को लेकर रवाना हुआ विशेष निकासी विमान बीती रात 3 बजे तुर्कमेनिस्तान के अश्गाबात से नयी दिल्ली (Operation Sindhu evacuation from Iran) पहुंचा। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में निकासी अभियान के बारे में जानकारी शेयर की।
18 जून 2025: पहला जत्था 110 लोगों के साथ अर्मेनिया (यरेवन) होते हुए दिल्ली पहुंचा।
20 जून: एक विशेष विमान 290 भारतीयों को लेकर रात 11:30 बजे दिल्ली पहुंचा।
21 जून: मशहद से एक निकासी विमान 310 भारतीयों को लेकर शाम 4:30 बजे दिल्ली पहुंचा।
22 जून: तुर्कमेनिस्तान के अश्गाबात से एक और विशेष उड़ान रात 3 बजे दिल्ली पहुंची।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने इन लोगों के दिल्ली हवाई अड्डा पर पहुंचने पर उनका स्वागत किया।
शाम को एक अन्य पोस्ट में जायसवाल ने एक अलग निकासी विमान के आगमन की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंधु के तहत मशहद से एक और निकासी विमान 21 जून को शाम साढ़े चार बजे ईरान से 310 भारतीय नागरिकों के साथ नयी दिल्ली पहुंचा। इसके साथ ही कुल 827 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।’’
| तारीख | रूट | यात्री संख्या (अनुमानित) | कुल लौटे हुए |
|---|---|---|---|
| 22 जून 2025 | अश्गाबात → दिल्ली | ~107–115 भारतीय | ~820–825 कुल |
| अब तक कुल | — | 827 घोषित |
फ़्लाइटरूट: ईरान से निकाले गए भारतीयों को सबसे पहले अर्मेनिया (यरेवन) ले जाया गया।
फिर यहीं से एक IndiGo का कमर्शियल फ़्लाइट दिल्ली पहुंचने के लिए रवाना हुआ, जो 18 जून 2025 को यरेवन से उड़ान भरकर 19 जून की सुबह दिल्ली लैंड कर चुका है । इजराइल-ईरान संघर्ष तेज होने के कारण तेहरान से सुरक्षित निकाले गए और भी भारतीय नागरिक शुक्रवार देर शाम तथा शनिवार तड़के दिल्ली पहुंचे। इनमें छात्र भी शामिल हैं।
भारत ने बुधवार को ईरान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू करने की घोषणा की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, “ऑपरेशन सिंधु के तहत उड़ान भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाई है। भारत ने विशेष विमान के जरिये छात्रों और तीर्थयात्रियों समेत 290 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित लाया है। यह विमान 20 जून को रात साढ़े 11 बजे नयी दिल्ली पहुंचा और सचिव (सीपीवी और ओआईए) अरुण चटर्जी ने स्वदेश आये लोगों का स्वागत किया।”
जब नागरिक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं हवाई अड्डे पर मौजूद थे। उन्होंने यात्रियों का स्वागत किया और राहत जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार निकासी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए ईरान सरकार की आभारी है।’’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने तुर्कमेनिस्तान से आये एक निकासी विमान के बारे में जानकारी शेयर की। यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, भरोसे की उड़ान है।"
ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर यात्रियों के परिवारों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे नागरिकों ने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा , “हमने कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी हमारी वापसी संभव हो पाएगी। विदेश मंत्रालय और दूतावास ने दिन-रात हमारी मदद की।”
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और विदेश सचिव अरुण चटर्जी ने हवाई अड्डे पर खुद मौजूद रहकर भारतीयों का स्वागत किया। इससे सरकार की सक्रियता और मानवीय दृष्टिकोण साफ झलकता है।
दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरे यात्रियों के लिए फ्री मेडिकल स्क्रीनिंग, भोजन और मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था की गई है, जिससे लौटे लोगों को तुरंत राहत और समर्थन मिल सके।
ईरान में लगभग 1,500 से 2,000 भारतीय छात्र, प्रोफेशनल और मजदूर फंसे हुए हैं । अब तक का पहला जत्था 110 भारतीयों का था, जो 18 जून को निकाला गया और 19 जून को दिल्ली पहुंचे ।
सरकार ने आगे भी भारतीयों की निकासी जारी रखने का निर्णय लिया है। दूसरी तथा उसके बाद की उड़ानों का क्रमोत्तर तय हो रहा है। फिलहाल आधिकारिक रूप से बताया गया है कि पहला जत्था सफलतापूर्वक लैंड हो चुका है और अगला जत्था "जल्द ही" यात्रा प्रारंभ करेगा, पर तारीख या संख्या अभी सार्वजनिक नहीं की गई है ।
ईरान से निकाले गए भारतीयों को पहले अर्मेनिया (यरेवन) और तुर्कमेनिस्तान (अश्गाबात) ले जाया गया। वहां से IndiGo और विशेष चार्टर्ड विमानों के माध्यम से उन्हें भारत लाया गया।
सरकार के अनुसार ऑपरेशन सिंधु अभी भी जारी है। अगला जत्था जल्द ही भारत लाया जाएगा, लेकिन फिलहाल इसकी सटीक तारीख या संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार ईरान में अभी भी लगभग 1,500 से 2,000 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें क्रमिक रूप से निकाला जाएगा। अगला जत्था दो दिन में ईरान से रवाना हो सकता है।
भारत सरकार ने अपने मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाते हुए यह भी घोषणा की है कि नेपाल और श्रीलंका के नागरिकों को भी इस निकासी अभियान में शामिल किया जाएगा। यह फैसला नेपाल और श्रीलंका सरकार के अनुरोध पर लिया गया है। ईरान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नेपाल और श्रीलंका की सरकारों के अनुरोध पर, ईरान में भारतीय दूतावास के निकासी प्रयासों में नेपाल और श्रीलंका के नागरिक भी शामिल किये जाएंगे।’’
ऑपरेशन सिंधु भारत सरकार का एक और मानवीय और साहसी प्रयास है, जो संकट के समय विदेश में फंसे भारतीयों को सुरक्षित घर लाने के लिए किया जा रहा है। आगे आने वाले दिनों में और भी भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जाएगा।