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पाकिस्तान-ईरान वार्ता में क्या हुआ? मोहसिन नकवी ने दिया अपडेट, अमेरिका ने नहीं दी प्रतिक्रिया

Pakistan on US-Iran Peac talks: पाकिस्तान और ईरान के बीच तेहरान में हुई उच्चस्तरीय बातचीत में युद्ध रोकने, तनाव कम करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर चर्चा हुई। मोहसिन नकवी ने वार्ता को रचनात्मक बताया।
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asim munir tehran visit

पाकिस्तान के आर्मी चीफ असिम मुनीर और ईरान के राष्ट्रपति ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान। (Photo Credit - X/@HAMSHAGERDIH)

Pakistan on US Iran Conflict: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बीच पाकिस्तान ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान और ईरान के बीच तेहरान में हुई उच्चस्तरीय बातचीत में तनाव कम करने और संघर्ष को जल्द खत्म करने के रास्तों पर चर्चा हुई। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बातचीत को रचनात्मक बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच 'महत्वपूर्ण प्रगति' हुई है।

तनाव कम करने और युद्ध खत्म करने पर जोर

पाकिस्तानी सैन्य बयान के मुताबिक, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और ईरानी नेतृत्व के बीच बैठक में सबसे अहम मुद्दा संघर्ष को और बढ़ने से रोकना रहा। दोनों पक्षों ने युद्ध को जल्द समाप्त करने के उपायों पर भी चर्चा की। इसके साथ ही क्षेत्र में शांति स्थापित करने और विवाद का बातचीत के जरिए समाधान तलाशने पर विचार किया गया। बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना भी रहा। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। युद्ध और ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखने की धमकियों के कारण तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ी हैं।

मोहसिन नकवी ने क्या कहा?

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी असीम मुनीर के साथ तेहरान पहुंचे थे। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि ईरानी राष्ट्रपति ने अपनी सरकार का नजरिया स्पष्ट रूप से साझा किया। नकवी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच संबंधित मुद्दों पर बेहद रचनात्मक बातचीत हुई। पाकिस्तानी पक्ष ने इन वार्ताओं को क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में अहम कदम बताया है।

ट्रंप से भी हुई थी असीम मुनीर की बातचीत

असीम मुनीर की तेहरान यात्रा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे फोन पर बातचीत की थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान ईरान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उसे दोबारा बातचीत की मेज पर लाने में मदद करे। ट्रंप ने पिछले सप्ताह ईरान को किसी भी तरह की मदद देने वाले देशों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र से होने वाले तेल निर्यात को रोकने की धमकी दी है। इससे पहले से तनावपूर्ण स्थिति और गंभीर हो गई है।

अमेरिका ने नहीं दी तत्काल प्रतिक्रिया

पाकिस्तान-ईरान वार्ता में हुई प्रगति के दावे के बावजूद अमेरिका की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग ने इस संबंध में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया। फिलहाल पाकिस्तान की कोशिश संघर्ष को और बढ़ने से रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और अमेरिका-ईरान विवाद का कूटनीतिक समाधान तलाशने पर केंद्रित दिखाई दे रही है।