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‘आरएसएफ के लिए 850 से ज़्यादा किराये के विदेशी सैनिक लड़ रहे जंग’, सैन्य सूत्रों का दावा

Sudan Conflict: सूडान में आरएसएफ ने आतंक मचाया हुआ है। अब सैन्य सूत्रों ने आरएसएफ के बारे में एक बड़ा दावा किया है।
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Apr 06, 2026
RSF fighters
RSF fighters (Photo - Washington Post)

सूडान (Sudan) में चल रहे गृहयुद्ध की वजह से देश में स्थिति काफी खराब चल रही है। 15 अप्रैल 2023 से देश की सेना और अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री) रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ - आरएसएफ (Rapid Support Forces - RSF) के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी और जल्द ही इसे 3 साल पूरे हो जाएंगे। अभी भी इस युद्ध के खत्म होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। सूडान में आरएसएफ के लड़ाके आए दिन ही आतंक मचाते हैं और निर्दोष नागरिकों की जान लेने से भी नहीं कतराते। आरएसएफ के बारे में देश के सैन्य सूत्रों ने एक बड़ा दावा किया है।

850 से ज़्यादा किराये के विदेशी सैनिक लड़ रहे जंग

सूडान की सेना के सूत्रों ने दावा किया है कि आरएसएफ का साथ देने के लिए 850 से ज़्यादा किराये के विदेशी सैनिक जंग लड़ रहे हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार इन विदेशी सैनिकों/लड़ाकों में मुख्य रूप से कोलंबिया (Colombia) के पूर्व सैनिक शामिल हैं, जो ड्रोन ऑपरेट करने और तोपखाने युद्ध में एक्सपर्ट्स माने जाते हैं। इसके अलावा अफ्रीकी देशों जैसे चाड (Chad), नाइजर (Niger), माली (Mali) और साउथ सूडान (South Sudan) से भी किराए के सैनिक इस युद्ध में आरएसएफ का साथ दे रहे हैं।

रूस से भी मिल रही है मदद

बताया जा रहा है कि इस युद्ध के शुरू होने से पहले से ही आरएसएफ द्वारा रूस के सलाहकारों से भी मदद ली जा रही है। रूसी एक्सपर्ट्स आरएसएफ के बुनियादी ढांचे में, विशेष रूप से सोने के खनन क्षेत्र में, नागरिक कंपनियों के वेश में कार्यरत रहे हैं। इसके अलावा रूसी वर्कर्स ने आरएसएफ के संचार और मीडिया तंत्र को भी तकनीकी सहायता भी प्रदान की। सूडान के सैन्य सूत्रों का कहना है कि रूसी सलाहकारों से अभी भी आरएसएफ को मदद मिल रही है।

Updated on:
06 Apr 2026 08:10 am
Published on:
06 Apr 2026 08:09 am