अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा पर ड्यूरंड लाइन के पास झड़पें तेज हो गई हैं। दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल हुआ है और हताहतों की आशंका है। हालिया एयरस्ट्राइक के बाद तनाव और बढ़ गया है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच सीमा पर समय समय पर झड़पें होती रही हैं, जिनसे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति प्रभावित होती है। मंगलवार शाम एक बार फिर अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष भड़क गया। इस दौरान दोनों ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया और जमकर गोलीबारी हुई। इस हिंसक झड़प में कई लोगों के मारे जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम रोजा खोलने के समय के आसपास अफगान बलों ने ड्यूरंड लाइन पर पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों पर हमला किया। यह कार्रवाई कथित तौर पर पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक के जवाब में की गई। सूत्रों का कहना है कि पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में, जो पाकिस्तान से सटा हुआ है, संघर्ष तेज हो गया। दोनों पक्षों ने भारी हथियारों का उपयोग किया और देर रात तक गोलीबारी जारी रही। अनौपचारिक जानकारी के मुताबिक दोनों ओर कुछ लोगों की जान गई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
रविवार को काबुल के एक अधिकारी ने दावा किया था कि पाकिस्तान की सेना ने ड्रोन और विमान की मदद से सीमा क्षेत्रों में एयरस्ट्राइक की, जिसमें 18 लोगों की मौत और पांच लोग घायल हुए। वहीं पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि उसने खुफिया जानकारी के आधार पर सात उग्रवादी ठिकानों पर लक्षित हमले किए। पाकिस्तान का कहना है कि हालिया सुसाइड बम धमाकों के बाद यह कार्रवाई की गई और इसमें 80 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। दूसरी ओर अफगान सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमले में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान पाकिस्तान की कार्रवाई का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आक्रामक सैन्य कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान का दावा है कि उसने तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के ठिकानों को निशाना बनाया, जो अफगानिस्तान के भीतर सक्रिय हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल दोनों सरकारों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन सीमा क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।