
Pakistan News: पाकिस्तान में बढ़ती गर्मी के चलते पानी की कमी हो गई है। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है और खेती के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इससे देश में खाद्य सुरक्षा की चिंता बढ़ रही है। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में बढ़ती गर्मी के कारण भूमिगत पानी के स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। पानी की कमी और मौसम में हो रहे बदलाव मिलकर पाकिस्तान में खाद्य संकट को और बढ़ा रहे हैं। देश की आबादी करीब 24 करोड़ है और यह हर साल 2.4 फीसदी की दर से बढ़ रही है। इससे खाने की जरूरत भी बढ़ रही है।
इससे पहले 2025 के मानसून के दौरान पाकिस्तान में 13 लाख हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई थी। इससे चावल, कपास और गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचा था। पाकिस्तान को खेती के क्षेत्र में करीब 1.23 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। बाढ़ और दूसरे खराब मौसम के कारण करीब 22,800 पशुओं की भी मौत हुई। इससे गांवों में रहने वाले परिवारों की कमाई पर भी असर पड़ा है।
पाकिस्तान की आबादी 2050 तक बढ़कर 30 करोड़ हो सकती है। ऐसे में खाने की जरूरत और बढ़ेगी। वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान का खाद्य आयात बिल 8 अरब डॉलर रहा। खाने का आयात बढ़ने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव पड़ता है। वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में पाकिस्तान का योगदान लगभग एक प्रतिशत है। फिर भी, यह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील बना हुआ है।
पाकिस्तान लंबे समय से पानी की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में देश को नए बांध बनाने की जरूरत है, ताकि बारिश के पानी को जमा करके सर्दियों के महीनों में इस्तेमाल किया जा सके। बाढ़ और खराब मौसम से ग्रामीण परिवारों के सामने पशुधन और रोजगार का संकट भी खड़ा हो रहा है।
पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में भी पानी का संकट गंभीर हो गया था। कई इलाकों में भूजल का स्तर खतरनाक रूप से नीचे चला गया था और WASA की पानी की सप्लाई या तो बंद थी या बहुत कम कर दी गई थी। कई घरों में छह महीने से नल का पानी नहीं आया था। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा था।