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पाकिस्तान की खुली पोल, अमेरिका से बचाने के लिए ईरान के सैन्य विमानों को नूर खान एयरबेस पर दी थी शरण

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान की पोल खुल गई है। अमेरिका को खुश करने के लिए पाकिस्तान ने सीधे तौर पर ईरान की मदद नहीं करने का दावा किया था, लेकिन अब उसका राज़ खुल गया है कि उसने दुनिया से छिपाकर ईरान की मदद की थी।

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May 12, 2026
Asim Munir and Abbas Araghchi

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के पाकिस्तान से अच्छे संबंध हैं, लेकिन अमेरिका को खुश करने के लिए पाकिस्तान ने सीधे तौर पर अमेरिका की मदद नहीं करने का दावा किया था। हालांकि अब पाकिस्तान की पोल खुल गई है। ईरान-अमेरिका सीज़फायर के दौरान पाकिस्तान ने दुनिया से छिपाकर ईरान की मदद की थी।

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ईरान के सैन्य विमानों को नूर खान एयरबेस पर दी थी शरण

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ईरान के साथ सीज़फायर की घोषणा के कुछ दिन बात ही ईरान ने गुपचुप अपने कई विमान पाकिस्तान भेज दिए थे, जिन्हें पाकिस्तान ने नूर खान एयरबेस पर शरण दी थी। इन विमानों में ईरानी सैन्य विमानों के साथ जासूसी विमान भी शामिल थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस्लामाबाद-रावलपिंडी महानगरीय क्षेत्र में स्थित नूर खान एयरबेस पाकिस्तान का अहम सैन्य ठिकाना है।

नागरिक विमानों को भेजा अफगानिस्तान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने सुरक्षा कारणों से अपने नागरिक विमानों को भी अफगानिस्तान भेज दिया था। मार्च में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर पाकिस्तान के हवाई हमलों के दौरान ईरान ने अपने एक विमान को काबुल से हेरात ट्रांसफर कर दिया था।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने किया खंडन

पाकिस्तानी और अफगान तालिबान अधिकारियों ने इन दावों का खंडन कर दिया है। वहीँ अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने यह सब अमेरिकी हमलों से ईरानी विमानों की रक्षा के लिए किया था।

अमेरिकी सीनेटर ने उठाए पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा, "अगर यह रिपोर्ट सही है, तो ईरान, अमेरिका और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका का पूरी तरह से पुनर्मूल्यांकन करना ज़रूरी होगा। इज़रायल के प्रति पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के कुछ पूर्व बयानों को देखते हुए अगर यह सच हो तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।"

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