Pakistan Railway Station Blast: बलूच विद्रोहियों के इस भीषण आत्मघाती हमलों में 14 पाक सैनिकों समेत 26 की मौत हो चुकी है। जबकि 62 घायल बताए जा रहे हैं।
Pakistan Railway Station Blast: पाकिस्तान के क्वेटा में बीते शनिवार को रेलवे स्टेशन के अंदर जो जोरदार धमाका हुआ था वो आतंकियों ने सेना के जवानों को टारगेट कर किया था। इस आतंकी घटना में पाकिस्तानी सेना के 14 सैनिकों सहित 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 62 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि विस्फोट रेलवे स्टेशन (Queta Railway Station Blast) के बुकिंग कार्यालय में ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से ठीक पहले हुआ। स्टेशन पर भीड़ को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हमला तब हुआ जाफर एक्सप्रेस सुबह 9 बजे पेशावर के लिए रवाना होने वाली थी।
क्वेटा डिवीजन कमिश्नर हमजा शफकत ने इसकी पुष्टि की है कि यह विस्फोट मुख्य रूप से कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर एक 'आत्मघाती हमला' था। वहीं, ब्लूचिस्तान के पुलिस महानिरीक्षक (IG) मोअज्जम जाह अंसारी ने कहा, इस हमले का लक्ष्य इन्फैंट्री स्कूल के सैन्य कर्मी थे। हमले के बाद इलाके में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि बस स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता ने कहा है कि, हम क्वेटा रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तानी सेना पर हुए फिदायी हमले की जिम्मेदारी लेते हैं। शनिवार सुबह, क्वेटा रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तानी सेना की एक यूनिट पर फिदायीन हमला किया गया, जब वे इन्फैंट्री स्कूल से कोर्स पूरा करने के बाद जाफर एक्सप्रेस से लौट रहे थे। इस हमले को बीएलए की फिदायीन यूनिट मजीद ब्रिगेड ने अंजाम दिया। जल्द ही मीडिया को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे पहले इलाके के एसएसपी मोहम्मद बलूच ने कहा था कि यह घटना आत्मघाती धमाके जैसी लग रही है, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
वर्ष 2024 में आतंकी हमलों में भारी तेजी आई है। अकेले अगस्त में 254 लोग मारे गए। इसमें 92 नागरिक और 52 सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं, जो इसे छह सालों में सबसे घातक महीना बनाता है।
इसके पहले क्वेटा से 50 किमी दूर बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में 2 नवंबर को एक बालिका विद्यालय और एक अस्पताल के पास हुए बम विस्फोट में पांच बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान रेलवे ने डेढ़ महीने से अधिक समय तक निलंबित रहने के बाद 11 अक्टूबर से क्वेटा और पेशावर के बीच ट्रेन सेवाओं को बहाल किया था। इसके पहले 26 अगस्त को पूरे देश में ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था, जब कोलपुर और मच के बीच एक प्रमुख रेलवे पुल को पूरे प्रांत में किए गए हमलों के एक हिस्से के रूप में बीएलए द्वारा किए गए विस्फोट में नष्ट कर दिया गया था।