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अपने ही बिछाए जाल में फंसा पाकिस्तान: रक्षामंत्री ने खुद कबूला- आतंकियों को पाला, अब बन गए ‘अनगाइडेड मिसाइल’

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कबूला- लश्कर-जैश के आतंकी बने अनगाइडेड मिसाइल, सीरिया-इराक जैसे हालात का डर सता रहा। जानें सिंधु जल संधि पर भारत ने कैसे पाकिस्तान को दिया करारा जवाब।
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Sep 24, 2026
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पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कबूला-आतंकवाद देश के लिए खतरा, pjoto source@ChatGPt

Cross Border Terrorism: आतंकवाद को पाल कर उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तान को अब खुद अपने घर में ही घिर गया है। पाक सरकार को अब देश का हाल सीरिया या इराक जैसा होने का डर सता रहा है। पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश में आतंकवाद के पनपने की बात मानी है। एक इंटरव्यू में ख्वाजा ने कहा कि ये लोग (लश्कर और जैश के आतंकी) जो हैं, वे हथियार उठाते हैं और हुलिए बदल लेते हैं। कभी अमरीका की जंग लड़ना शुरू कर देते हैं, कभी अपनी जंग लड़ते है और कभी किसी और की। पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में खुलकर स्वीकार किया कि देश में आतंकवाद तेजी से पनप रहा है और यह अब खुद पाकिस्तान के लिए खतरा बन चुका है।

यहीं हाल हमारा भी न हो जाए

ख्वाजा आसिफ ने सीरिया और इराक का हवाला देते हुए आगाह किया कि इन दोनों देशों में उग्रवादी संगठनों ने किस तरह तबाही मचाई, यह दुनिया देख चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि पाकिस्तान में भी वैसे ही हालात बन सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना की ताकत को भी कमजोर कर रहे हैं और इन्हें "अनगाइडेड मिसाइल" करार दिया, जो किसी के नियंत्रण में नहीं रहतीं और किसी भी वक्त पाकिस्तान के भीतर ही फट सकती हैं। रक्षामंत्री ने यह भी माना कि पाकिस्तान ने अपने ही देश में जितनी मिलिशिया खड़ी कीं, वे अंत में उसी के लिए सिरदर्द बन गईं।

सिंधु जल संधि पर भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब

इस बीच सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की उस चिट्ठी पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है, जो उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजी थी। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान जिस स्थायी पंच निर्णय न्यायालय (पीसीए) के फैसले का हवाला दे रहा है, भारत उसे सिरे से मान्यता नहीं देता, क्योंकि इसका गठन ही सिंधु जल संधि की शर्तों के विरुद्ध हुआ था। भारत ने दो टूक कहा कि इस न्यायालय को भारत के संप्रभु फैसलों पर हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही भारत ने पाकिस्तान से सीमापार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई करने की मांग दोहराई।

Updated on:
24 Sept 2026 02:43 am
Published on:
24 Sept 2026 02:43 am