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पाकिस्तान इन लोगों पर कर रहा है जुल्म: विदेशियों के सामने गवाही से हुआ सनसनीखेज खुलासा

Forced Disappearances in Pakistan: पाकिस्तान में बलूचिस्तान के लोग जबरन गायब होने की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

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Aug 30, 2025
पाकिस्तान में हो रहा जुल्म बयान करती सबिया बलोच। (फोटो: ANI.)

Forced Disappearances in Pakistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान ( Balochistan) और सिंध ( Sindh) क्षेत्रों में जबरन गायब होने की घटनाओं पर बलूच कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी गवाही दी है। यूएनपीओ (अप्रस्तुत राष्ट्र और पीपुल्स संगठन) ने जबरन गायब होने के शिकार लोगों के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर एक वेबिनार आयोजित किया, जिसमें बलूचिस्तान, सिंध, क्रीमियन तातार, ईरानी कुर्दिस्तान और उइगर समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपनी आपबीती साझा की। इस दौरान प्रमुख बलूच कार्यकर्ता सबिया बलूच (Sabia Baloch) ने बलूचिस्तान में लगातार हो रहे जबरन गायब होने (Forced Disappearances in Pakistan) के मुद्दे पर अपनी गवाही दी।

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जबरन गायब होने की घटनाएं और पाकिस्तान की भूमिका

सबिया बलूच ने बलूचिस्तान की स्थिति को "सबसे बड़ी समस्या" बताते हुए कहा कि पाकिस्तान के सुरक्षा बल आतंकवाद विरोधी अभियानों की आड़ में असहमति दबाने का काम कर रहे हैं। उनका कहना था, "बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल भू-भाग का 42% हिस्सा है और खनिजों से समृद्ध होने के बावजूद यहाँ के लोग सबसे ज्यादा उत्पीड़ित हैं। जो लोग न्याय की बात करते हैं या असहमति जताते हैं, उनका अपहरण कर लिया जाता है, उन्हें प्रताड़ित किया जाता है या मार दिया जाता है।"

नेताओं के लापता होने का जिक्र किया

बलूच ने 1970 के दशक के पहले ज्ञात मामलों को याद करते हुए असद मेंगल और दिलीप दास जैसे राजनीतिक नेताओं के लापता होने का जिक्र किया। वे मानती हैं कि ये घटनाएँ अब तेजी से बढ़ रही हैं। उनके अनुसार, 2025 के पहले आठ महीनों में ही 1,054 से ज्यादा जबरन गायब होने के मामले सामने आए हैं, जिसे उन्होंने "हिमशैल का सिरा" कहा क्योंकि रिपोर्टिंग पर कड़ी पाबंदी है।

क्वेटा का "अज्ञात कब्रिस्तान" और भयावह साक्ष्य

सबिया ने क्वेटा में स्थित "अज्ञात लोगों के कब्रिस्तान" का जिक्र करते हुए बताया कि वहाँ पर जिन शवों को दफनाया जाता है, उनकी पहचान संभव नहीं होती। शवों की हालत इतनी खराब होती है कि कुछ के शरीर पर पिघला हुआ प्लास्टिक, कटी हुई जीभ और सीने में गोलियाँ लगी होती हैं। यह दृश्य काफी भयावह है और यह बलूचिस्तान में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को दर्शाता है।

बलूचिस्तान में विरोध की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

सबिया ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनके पिता और भाई का उनके आंदोलन के कारण अपहरण कर लिया गया था और कई साथी अब भी जेल में बंद हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान में विरोध और प्रतिरोध जारी है, और यह संघर्ष तब भी जारी रहेगा, जब तक पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर उचित कार्रवाई नहीं करता।

पाकिस्तान को उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के प्रति जिम्मेदार ठहराएं

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे पाकिस्तान को उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के प्रति जिम्मेदार ठहराएं और बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करें। उनका मानना है कि अगर दबाव और प्रतिबंध नहीं लगाए गए, तो यह संघर्ष चुपचाप मर जाएगा।

जबरन गायब होने के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता

वेबिनार के समापन पर बलूच कार्यकर्ताओं ने जबरन गायब किए गए लोगों के परिवारों के समर्थन में वैश्विक एकजुटता का आह्वान किया और पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की अपील की, ताकि दंड से मुक्ति समाप्त की जा सके और इन क्रूर घटनाओं को रोका जा सके।

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