Jaffar Express Attack: पाकिस्तान के सिंध में जाफर एक्सप्रेस पर विस्फोट से चार बोगियां पटरी से उतर गईं, सात यात्री घायल हो गए।
Jaffar Express Attack: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर विस्फोट (Jaffar Express Attack) की घटना ने हड़कंप मचा दिया। जाफर एक्सप्रेस ट्रेन की चार बोगियां पटरी (Train Derailment Pakistan)से उतर गईं, जिसमें कम से कम सात लोग घायल हो गए। यह हादसा शिकारपुर जिले के सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 8:15 बजे हुआ। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विस्फोट ट्रैक को निशाना बनाया गया था, जिससे ट्रेन का एक हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ। जानकारी के अनुसार ट्रेन क्वेटा से जैकोबाबाद की ओर जा रही थी जब अचानक पटरियों पर जोरदार धमाका हुआ। शिकारपुर (Shikarpur Explosion) के डिप्टी कमिश्नर शकील अब्रो ने बताया कि घटनास्थल स्टेशन से महज एक किलोमीटर दूर था। घायलों को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया, जहां चार को संयुक्त सैन्य अस्पताल में दाखिल कराया गया। बाकी तीन यात्रियों को स्थानीय सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि सभी की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
ट्रेन के बाकी डिब्बे सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गए, लेकिन पूरा रूट अवरुद्ध हो गया। सुक्कुर के डिविजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर मोहसिन अली सियाल ने कहा कि यात्रियों को नजदीकी स्टेशनों पर उतार कर वैकल्पिक वाहनों से भेजा जा रहा है। ट्रैक की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, ताकि जल्द से जल्द सेवाएं बहाल हो सकें। विस्फोट के कारण ट्रेन संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों यात्री फंस गए हैं।
शिकारपुर के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस शाहजेब चाचर ने जांच की कमान संभाली है। उन्होंने बताया कि विस्फोट जैकोबाबाद-क्वेटा रूट के एकमात्र ट्रैक लक्षित था। पुलिस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच कर सुबूत जमा कर रहे हैं। जैकोबाबाद और शिकारपुर में संयुक्त टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में यह साफ है कि यह सुनियोजित हमला था, लेकिन जिम्मेदार संगठन का अभी पता नहीं चला है।
सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सिंध पुलिस के आईजी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और लरकाना कमिश्नर को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए हैं। शाह ने कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, राज्य सरकार पूरे प्रांत में सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रही है।
यह हमला इस साल जाफर एक्सप्रेस पर हुए कई हादसों का हिस्सा है। सितंबर के अंत में बलूचिस्तान में इसी ट्रेन के छह डिब्बे पटरी से उतर गए थे। मार्च में बलूच लिबरेशन आर्मी के हमलावरों ने ट्रेन का अपहरण कर लिया था, जिसमें 21 यात्री और चार सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। पाकिस्तानी सेना ने 33 आतंकवादियों को मार गिराया था और सैकड़ों यात्रियों को बचाया था। ये घटनाएं पाकिस्तान के रेल नेटवर्क की कमजोरियों को उजागर करती हैं, जहां आतंकी बार-बार निशाना साध रहे हैं।
बहरहाल इस घटना ने न केवल यात्रा को प्रभावित किया है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे ट्रैकों पर निगरानी बढ़ाने और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। यह हमला पाकिस्तान सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो आंतरिक शांति बनाए रखने में असफल साबित हो रही है।(ANI)