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‘जब अमेरिका ने अपने ही हवाई विमान को बम से उड़ा दिया’, जानें इसका कारण और इसपर ईरान के दावे का सच

US Pilot Rescued In Iran: ईरान में फंसे पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने जोखिम भरा सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। मिशन के दौरान तकनीकी खराबी के चलते अपने ही विमान नष्ट करने पड़े, जिससे करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ। ट्रंप ने इसे फिल्मी अंदाज का हाई-रिस्क रेस्क्यू मिशन बताया।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 06, 2026

US Pilot Rescued In Iran

US Pilot Rescued In Iran(AI Image-ChatGpt)

Iran-Israel-America War: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध को लेकर रोजाना नए अपडेट सामने आ रहे हैं। एक दिन पहले ही अमेरिका ने इस बात की पुष्टि की कि उसने ईरान में फंसे अपने पायलट को बचाकर वापस ले आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की पहाड़ियों में फंसे अपने एक पायलट को निकालने के लिए अमेरिका ने ऐसा जोखिम भरा ऑपरेशन चलाया, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खबरें सामने आ रही है कि इस ऑपरेशन की कीमत अमेरिका को भी चुकानी पड़ी। अमेरिका ने करोड़ों डॉलर के अपने ही विमान को बम से उड़ाकर नष्ट करना पड़ा।

मिशन के दौरान क्या हुआ?


ईरान ने पायलट को पकड़ने के लिए इनाम तक घोषित कर दिया था। इसके बाद स्थानीय लोग और सेना, दोनों उसकी तलाश में जुट गए थे। अमेरिका ने पायलट को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान भेजे। लेकिन मिशन के दौरान हालात बिगड़ते चले गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों पर ईरान की तरफ से हमला हुआ, जबकि दो ट्रांसपोर्ट विमान तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने लायक नहीं रहे। रेतीली जमीन पर लैंडिंग और मशीनों में आई दिक्कतों ने हालात और खराब कर दिए। ऐसे में अमेरिकी सेना के सामने सबसे बड़ा सवाल था, अब इन विमानों का क्या किया जाए?

क्यों उड़ाने पड़े अपने ही विमान?


अमेरिका को डर था कि अगर ये विमान वहीं छोड़ दिए गए, तो उनमें मौजूद अत्याधुनिक तकनीक और गोपनीय उपकरण ईरान के हाथ लग सकते हैं। यही वजह थी कि सेना ने बड़ा फैसला लेते हुए दोनों विमानों को खुद ही नष्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि इन विमानों की कीमत करीब 10 करोड़ डॉलर के आसपास थी। यानी पायलट को बचाने के लिए अमेरिका को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

ट्रंप ने बताया ‘फिल्म जैसा मिशन’

इस पूरे अभियान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया था और हर कदम बेहद सावधानी से उठाया गया। उनके मुताबिक, मिशन के दौरान लगातार पायलट की लोकेशन पर नजर रखी जा रही थी। उन्होंने इसे फिल्मी कहानी जैसा बताते हुए कहा कि यह ऑपरेशन दिन के उजाले में करीब सात घंटे तक चला। हालांकि ईरान ने भी यह दावा किया कि उन दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों को उनके सैनिक ने नष्ट किया। जिसके बाद ईरान ने इसका वीडियो भी शेयर किया और दावा कि ये उनकी सफलता है।

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