6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

’45 दिन का सीजफायर’, ईरान ने मध्यस्थता कर रहे देशों को भेजा प्रस्ताव, क्या मान जाएंगे ट्रंप?

Iran-Israel,US War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है। इधर खबर सामने आ रही है कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के बीच 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम पर बातचीत जारी है, लेकिन यह वार्ता फेल होने पर अमेरिका और इजरायल बड़े हमले कर सकते हैं।

2 min read
Google source verification
Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-IANS)

Us,Israel-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई डेडलाइन को खत्म होने में अब कुछ ही घंटे बचे हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के बीच 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम की शर्तों पर बातचीत जारी है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्धविराम का उद्देश्य स्थायी शांति स्थापित करना है।

एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी, इजरायली और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अगले 48 घंटों में आंशिक समझौते की संभावना बेहद कम है। मध्यस्थों ने ईरानी अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि अब और देरी करने का समय नहीं बचा है। ये 48 घंटे ईरान के लिए आखिरी मौका हैं, जिसमें अगर समझौता नहीं हुआ तो देश को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप ने घोषित की नई डेडलाइन

इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर नई डेडलाइन घोषित की है। उन्होंने मंगलवार शाम 8 बजे तक डेडलाइन बढ़ा दी है। मूल 10 दिन की डेडलाइन सोमवार शाम को खत्म होनी थी, लेकिन इसे 20 घंटे बढ़ा दिया गया।

अमेरिका-इजरायल ने बड़े हमले की तैयारी पूरी की

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका-इजरायल की संयुक्त सेना ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर बड़े हमले की पूरी तैयारी कर ली है, लेकिन ट्रंप इस आखिरी मौके पर समझौते की उम्मीद रखते हैं। यह मध्यस्थता पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों के माध्यम से चल रही है। इसके अलावा ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी संपर्क हो रहा है, लेकिन अभी तक अमेरिकी प्रस्तावों को ईरान ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है।

दो चरणों में चल रही है बातचीत

कहा जा रहा है कि बातचीत दो चरणों में चल रही है। पहले चरण में 45 दिन का सीजफायर होगा, जिसमें स्थायी शांति की शर्तों पर आगे बातचीत की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है। दूसरे चरण में युद्ध समाप्त करने का स्थायी समझौता होगा। इसमें हार्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह फिर से खोलना और ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को लेकर समाधान शामिल है। यूरेनियम को या तो देश से बाहर निकाला जा सकता है या पतला किया जा सकता है।

मध्यस्थ ईरान से दोनों मुद्दों पर आंशिक कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका से भी ईरान को विश्वास दिलाने वाले उपायों पर काम चल रहा है ताकि ईरान को यह आश्वासन मिले कि सीजफायर के बाद फिर से हमले नहीं होंगे। ईरानी अधिकारी गाजा और लेबनान जैसी स्थिति से बचना चाहते हैं, जहां कागजी समझौते के बावजूद हमले जारी रहते हैं।

होर्मुज में पहले जैसी स्थिति कभी नहीं लौटेगी

ईरानी क्रांतिकारी गार्ड्स नेवी ने रविवार को कहा कि हार्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी कभी नहीं लौटेगी, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए। मध्यस्थ देशों को चिंता है कि अगर अमेरिका-इजरायल ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला किया तो ईरान की जवाबी कार्रवाई खाड़ी देशों के तेल और पानी के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

यह अंतिम प्रयास क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विनाश और युद्ध के विस्तार को रोकने का आखिरी अवसर माना जा रहा है। व्हाइट हाउस ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। स्थिति तेजी से बदल रही है और अगले कुछ घंटों में कोई बड़ा फैसला हो सकता है।