पाकिस्तान के लाहौर किले में स्थित ऐतिहासिक लौह (लव) मंदिर का संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है।
पाकिस्तान के लाहौर किले में ऐतिहासिक लौह मंदिर (लव मंदिर) का जीर्णोद्धार पूरा हो गया है और अब इसे आम जनता तथा भक्तों के लिए खोल दिया गया है। यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है। मान्यताओं के अनुसार लाहौर शहर का नाम ही लव से पड़ा है, जो रामायण से जुड़ी प्राचीन कथा को दर्शाता है।
वर्ल्ड सिटी लाहौर अथॉरिटी ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। मंदिर के साथ-साथ सिख काल का हम्माम और महाराजा रंजीत सिंह का अठदारा पैविलियन भी संरक्षित किया गया है। पहले मंदिर जीर्ण-शीर्ण होने और रखरखाव की कमी से आम लोगों के लिए पहुंच से बाहर था, लेकिन अब आधुनिक तकनीकों से बहाल कर दिया गया है। अथॉरिटी की प्रवक्ता तानिया कुरैशी ने कहा कि यह प्रयास लाहौर किले की बहुसांस्कृतिक विरासत को मनाने का है, जिसमें मुगल मस्जिदें, सिख मंदिर और ब्रिटिश संरचनाएं शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस जीर्णोद्धार से पर्यटक आकर्षण बढ़ेगा और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही यह परियोजना पाकिस्तान में हिंदू, सिख और मुस्लिम धरोहरों के संरक्षण का उदाहरण भी बन सकती है।
मंदिर के उद्घाटन समारोह में स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संरक्षण संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। अब भक्त और पर्यटक मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं और इसके ऐतिहासिक महत्व को देख सकते हैं।