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पाकिस्तान के पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही, 166 की मौत, 121 मवेशी मरे,216 घर उजड़े

Pakistan Monsoon Floods 2025: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी मानसूनी बारिश से अब तक 166 लोगों की जान जा चुकी है। लाहौर समेत कई शहरों में जलजमाव, बिजली संकट और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।

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Aug 10, 2025
पाकिस्तान के पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ से तबाही मच गई। (फोटो: IANS.)

Pakistan Monsoon Floods 2025: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस समय मानसून का कहर (Pakistan Monsoon Floods 2025) जारी है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित (Punjab Rain Death Toll) किया है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, बारिश से अब तक 166 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं। इसके अलावा, पंजाब में 121 पशुधन मारे गए हैं और 216 घर नष्ट हो गए हैं। सियालकोट और झेलम में दो और लोगों की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ा है। इस दौरान प्रांत के कई शहरों में एक और दौर की मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। बारिश का सबसे ज्यादा असर सियालकोट, झेलम, लाहौर (Lahore Heavy Rain Crisis) और गुजरांवाला जैसे जिलों में देखा गया है। सियालकोट में सबसे अधिक 78 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि लाहौर में 43.4 मिमी और गुजरांवाला में 36.8 मिमी बारिश हुई। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह (Pakistan Rain Emergency) दी गई है।

लाहौर में जलजमाव, बिजली आपूर्ति ठप

राजधानी लाहौर में शनिवार दोपहर तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। 120 से अधिक बिजली फीडर ट्रिप हो गए जिससे शहर के कई हिस्सों में बिजली सप्लाई बंद हो गई। पानी वाला तालाब (86 मिमी), फर्रुखाबाद (85 मिमी), और लक्ष्मी चौक (83 मिमी) में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इस वजह से 'इंडिपेंडेंस फैमिली फन रेस' जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए।

कहां कितनी हुई बारिश: एक​ नजर

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) के अनुसार, सियालकोट में सबसे अधिक 78 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद लाहौर में 43.4 मिमी और गुजरांवाला में 36.8 मिमी बारिश हुई। साथ ही, चकवाल (23 मिमी), अटक (13.6 मिमी), मंगला (12.2 मिमी), गुजरात (10.6 मिमी), नारोवाल (5 मिमी), रावलकोट (4 मिमी), इस्लामाबाद एयरपोर्ट (3.9 मिमी) और मंडी बहाउद्दीन (0.5 मिमी) में बारिश दर्ज की गई है।

बाढ़ का खतरा बरकरार

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) ने कई नदियों और बैराजों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। तरबेला बांध 96% तक भर चुका है। मंगला बांध भी 63% तक भर गया है। सिंधु नदी में चश्मा बैराज के पास निचले स्तर की बाढ़ दर्ज की गई है। रावी नदी के बसंतर नाले में मामूली बाढ़ देखी गई है, हालांकि मुख्य धारा फिलहाल सुरक्षित है। कोह-ए-सुलेमान रेंज और डेरा गाजी खान डिवीजन में पहाड़ी नालों से बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।

धारा 144 लागू, तैराकी और स्नान पर प्रतिबंध

बढ़ते खतरे के कारण नदियों और नहरों के किनारे धारा 144 लागू कर दी गई है। तैराकी, स्नान और अन्य गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। PDMA के महानिदेशक ने लोगों से अपील की है कि वे जल स्रोतों के पास न जाएं और अफवाहों से दूर रहें।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान (PDMA Flood Alert Pakistan)

पंजाब के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार को पंजाब के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, पोटोहर क्षेत्र, इस्लामाबाद, ऊपरी खैबर पख्तूनख्वा, कश्मीर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और तूफान की भविष्यवाणी की है।

स्थिति अभी भी नियंत्रण में नहीं

बहरहाल पंजाब प्रांत में बारिश से आई तबाही ने न सिर्फ लोगों की जान ली, बल्कि उनके घर, मवेशी और दैनिक जीवन को भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नियंत्रण में नहीं है।

नदियों और नहरों के पास सावधानी की अपील

पीडीएमए के महानिदेशक ने लोगों से नदियों और नहरों के पास सावधानी बरतने की अपील की है। नदियों, नहरों और जलधाराओं के किनारे तैराकी और स्नान पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और धारा 144 लागू कर दी गई है। आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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