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TTP ने पाकिस्तानी सेना को बनाया निशाना, धमाके में 6 सैनिकों की मौत, सर्च ऑपरेशन शुरू

TTP ने पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया है। इस हमले में कैप्टन समेत 7 सैनिकों की मौत हुई है। यह हमला तालिबान और पाकिस्तान की शांतिवार्ता फेल होने के बाद हुआ।
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Oct 30, 2025
TTP Attack
पाकिस्तानी सेना पर TTP का हमला (File Photo)

Terrorist Attacks in Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के बीच शांतिवार्ता फेल हो गई है। इसके बाद तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला किया है। खैबर पख्तूनख्वाह में हुए इस हमले में पाकिस्तानी सेना के एक कैप्टन समेत 6 जवानों की मौत हो गई।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ISPR ने कहा कि आतंकियों ने सुरक्षबलों के काफिले पर IED से हमला किया। इस हमले में एक अधिकारी समेत 6 जवान मारे गए, जबकि 17 से अधिक घायल हुए हैं। ISPR ने कहा कि TTP के आतंकियों ने उस समय हमला किया जब सेना का काफिला कुर्रम कबायली इलाके से गुजर रहा था। सेना की जवाबी कार्रवाई में कम से कम 7 आतंकवादियों की भी मौत हुई है।

कौन है इस हमले का मास्टरमाइंड

पाकिस्तानी आर्मी ने कहा कि इस हमले का मास्टरमाइंट TTP का कुर्रम जिला कमांडर अहमद काजिम है। TTP में फील्ड मार्शल के नाम से मशहूर काजिम पर पाकिस्तानी सरकार ने 10 करोड़ रुपए का ईनाम रखा है। उस पर 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या करने का आरोप है। हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। आतंकियों का पता लगाने के लिए सर्च अभियान शुरू किया गया है।

क्यों हुई पाकिस्तान-तालिबान की बातचीत विफल

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने कहा कि इंस्ताबुल में पाकिस्तान और अफगानिस्ता की तालिबान सरकार के बीच चार दिनों से जारी शांतिवार्ता विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि तालिबान प्रशासन ने TTP के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। तरार ने X पर कहा कि इस्तांबुल में अफ़गानिस्तान के साथ शांति वार्ता फेल हो गई है, और कहा कि कतर और तुर्की की मध्यस्थता के बावजूद बातचीत "कोई काम का हल निकालने में फेल रही।"

तालिबान ने अभी तक इस डेवलपमेंट पर कोई जवाब नहीं दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने एक दूसरे पर समझौता न करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बातचीत फेल होने का इंडिया कनेक्शन निकाल लिया है। आसिफ ने कहा कि इस समझौते से पीछे हटने के पीछे काबुल में बैठे वे शामिल लोग हैं, जिन्हें दिल्ली कंट्रोल कर रही है। बता दें कि बीते दिनों हुए सैन्य झड़प में दोनों देशों के 50 से अधिक सैनिक और नागरिकों की मौत हुई।

Updated on:
30 Oct 2025 08:27 am
Published on:
30 Oct 2025 08:27 am