
Pezeshkian New Arrangement: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि, तेहरान ने खास हालात से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई है। उनके मुताबिक, अमेरिका ईरान के फाइनेंशियल और कमर्शियल नेटवर्क को निशाना बनाकर आर्थिक दबाव और प्रतिबंध बढ़ा रहा है।
X पर एक पोस्ट में पेजेशकियन ने अपने विरोधियों, खासकर अमेरिका पर आरोप लगाया कि वे ईरान के लोगों पर दबाव बनाने के लिए इस्लामिक रिपब्लिक की अहम आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते दबाव के बावजूद जनता के समर्थन और सरकारी उपायों ने उन लक्ष्यों को हासिल नहीं होने दिया।
पोस्ट में लिखा कि, सरकार ने इन खास हालात से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई है। हाल के महीनों में दुश्मन की योजना ईरान के नेक लोगों पर दबाव बनाने के मकसद से देश की अहम आर्थिक धमनियों को काटने की रही है। आर्थिक दबाव बढ़ा है, लेकिन ईश्वर की कृपा से, लोगों के साथ और सरकार में हमारे सहयोगियों द्वारा उठाए गए कदमों से, हमने आर्थिक युद्ध में दुश्मन के लक्ष्यों को पूरा नहीं होने दिया है।
पेज़ेशकियन की ये बातें अमेरिका के उस व्यापक प्रतिबंध अभियान के बीच आई हैं, जो ईरान की अर्थव्यवस्था और उन नेटवर्क को निशाना बनाता है, जिनके बारे में वाशिंगटन का कहना है कि वे ईरानी सरकार और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का समर्थन करते हैं।
अगस्त में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट शुरू किया, जिसे उसने ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक अभूतपूर्व, पूरी सरकार का आर्थिक अभियान बताया। ऑपरेशन शुरू होने के बाद अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रेजरी अधिकारियों को दुनिया भर में भेजा गया, ताकि वे विभिन्न सरकारों से ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह कर सकें।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इस ऑपरेशन का मकसद उन आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटना है, जो ईरानी सरकार और IRGC को बनाए रखती हैं। विभाग ने कहा कि ये उपाय ईरान का समर्थन करने वाले हर फाइनेंशियल संसाधन को बंद करने के लगातार और व्यवस्थित अभियान का हिस्सा हैं। अमेरिका ईरान को आतंकवाद का प्रमुख राज्य प्रायोजक बताता है।
ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा कि उसने उन नेटवर्क, मदद करने वालों और फाइनेंशियल चैनलों की पहचान कर ली है, जिनका इस्तेमाल ईरान तेल की तस्करी, प्रतिबंधों से बचने और आतंकवाद को फंड करने के लिए करता है। विभाग ने यह भी कहा कि वह ईरान सरकार की गैर-कानूनी कमाई के किसी भी जरिए को निशाना बनाने में कोई नरमी नहीं बरतेगा।
ईरान के एविएशन सेक्टर पर भी नया दबाव डाला गया है। वॉशिंगटन ने विदेशी कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर्स को चेतावनी दी है कि अगर वे ईरानी एयरलाइंस को सपोर्ट करना जारी रखते हैं, तो उन्हें 'सेकेंडरी प्रतिबंधों' का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले महीने अमेरिकी ट्रेजरी ने उन ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाए थे, जिन्हें पहले निशाना नहीं बनाया गया था। साथ ही ईरान के बाहर की उन कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए, जिन पर ईरान के एविएशन सेक्टर को सपोर्ट करने का आरोप था।