
Iran-US Tensions:अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच दुनिया की नजरें न्यूयॉर्क पर हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना हो गए हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ईरान और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। बता दें ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन 23 सितंबर की सुबह UN महासभा को संबोधित करेंगे।
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले पेजेशकियन ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात मजबूती से रखेगा। उन्होंने कहा कि UN में ईरानी लोगों की स्थिति और उनके सामने आए मुद्दों को उठाया जाएगा। पेजेशकियन ने बातचीत और समझौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान कई बार बातचीत की मेज पर गया। समझौते भी हुए। लेकिन उनके मुताबिक, किए गए वादे पूरे नहीं हुए।
पेजेशकियन की यात्रा के दौरान कई अहम मुलाकातें भी प्रस्तावित हैं। वह कुछ देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मिल सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका में रहने वाले ईरानी समुदाय के लोगों से भी उनकी मुलाकात होगी। अमेरिकी विशेषज्ञों और थिंक टैंक के साथ बैठकें भी उनके कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी UNGA सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। उन्होंने UN की भूमिका और उस पर भरोसे को लेकर सवाल उठाया। अराघची के मुताबिक, UNGA दुनिया के सामने यह चर्चा रखने का मौका है कि संयुक्त राष्ट्र पर भरोसा कैसे कम हुआ और उसे फिर से कैसे मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ईरान इस मंच का इस्तेमाल अपने लोगों के अधिकारों और हितों की बात रखने के लिए करेगा। उनका कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र जैसे बड़े मंच पर ईरान की मौजूदगी जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र ‘भरोसा बहाल करना, बदलाव को मैनेज करना: एक ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए काम करे’ थीम पर आयोजित हो रहा है। बता दें हाई-लेवल जनरल डिबेट 22 से 26 सितंबर और 28 सितंबर को होगी। इसमें दुनिया के कई नेता हिस्सा लेंगे। इस दौरान जलवायु परिवर्तन, विकास, समुद्र के बढ़ते जलस्तर और महामारी से निपटने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा कई दूसरे वैश्विक विषय भी एजेंडे में हैं।
पेजेशकियन का भाषण ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका-ईरान संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। ऐसे में UN का मंच ईरान के लिए अपनी स्थिति दुनिया के सामने रखने का अहम अवसर होगा।